राजधानी लखनऊ में एयरपोर्ट विमानों की मेंटेनेंस यानी रखरखाव का हब बनेगा लखनऊ एयरपोर्ट। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही कोई विमान ख़राब हुआ तो मुंबई-दिल्ली से उसे ठीक करने के लिए इंजीनियर बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।विमानों को नियमित रूप से उनको मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है। लखनऊ के एयरपोर्ट पर विमानों की मेंटेनेंस के लिए अलग से से एक यूनिट बनाने की तैयारी चल रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्वेस्टर समिट के दौरान लखनऊ, जेवर समेत कुछ एयरपोर्ट पर ऐसा हब बनाने की योजना तैयार की थी। माना जा रहा है की उसी क्रम में नई यूनिट स्थापित की जाएगी। राजधानी में रोजाना 30 से 40 विमान आते हैं। इनमें से 5 से 6 विमान रात में रुकते हैं। रखरखाव यूनिट को ध्यान में रखते हुए ही एप्रेन यानी जहां विमान रात में रुकते हैं।, उनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। एयरपोर्ट के सूत्रों ने बताया कि रनवे के दक्षिणी छोर पर काफी जमीन खाली पड़ी है। यहां पुराना रनवे है। मौजूदा समय में सीआईएसएफ जवानों के लिए 2 स्थानों पर बैरक हैं जो काफी दूर हैं। एक ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के पास और दूसरा एयरपोर्ट रोड की शुरुआत में हैं। मौजूदा समय सिर्फ एयर इंडिया के विमानों की मेंटेनेंस का कार्य लखनऊ एयरपोर्ट पर चल रहा है। 

पार्किंग एप्रन में 2 से 3 दिनों तक रुकता है विमान

विमानों के मेंटेनेंस की सुविधा न होने पर विमान में कोई खराबी आने पर उसे 2 से 3 दिन तक पार्किंग एप्रन में रुकना पड़ता है। 2018 की दिसंबर में इंडिगो के एक विमान के पहिए में खराबी आ गई थी। यह विमान 5 दिन तक एयरपोर्ट पर ही रुका रहा। नतीजतन एक विमान कम होने से अलग-अलग शहरों की कई उड़ाने निरस्त करनी पड़ी। यदि मेंटेनेंस टीम तुरंत नहीं मिलती तो एक विमान रुकने से उसके ठीक होने तक कई उड़ानों पर असर पड़ जाता है। 

करीब 2 साल में पूरा होगा नए टर्मिनल 3 का काम

लखनऊ एयरपोर्ट के नए टर्मिनल-3 का काम वर्ष 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। बीते सोमवार को एयरपोर्ट ने यूजर कंसल्टेंसी कमेटी की बैठक में यह जानकारी जिला प्रशासन को दी है। जूम मीटिंग के जरिए यह बैठक हुई जिसमें जिला प्रशासन ने एडीएम केपी सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया। कमेटी में विमानन कंपनियां, होटल इंडस्ट्री, टूरिज्म, नगर निगम, ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी से जुड़े सदस्य होते हैं। इस दौरान चीएफ एयरपोर्ट ऑफिसर अडाणी एयरपोर्ट, सुरेश चन्द्र होता ने अगले 5 साल तक की परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। बताया कि तय अवधि तक नए टर्मिनल के दोनों फेज पूरे हो जाएंगे। मौजूदा समय में टर्मिनल-3 के लिए फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। साथ ही बाउंड्री से सटी हुई सड़क को और चौड़ा किया जाना है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *