लखनऊ में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन अब नया प्रयोग करने जा रहा है। अब लखनऊ में अगर किसी के पास अपनी खाली जगह है तो वह उस खाली जगह पर पार्किंग संचालित करवा सकेगा और इससे आमदनी भी होगी। यह पार्किंग पूरी तरह से प्राइवेट पार्किंग की तरह चलेगी। इसके नियम कानून कायदे भी बन चुके है। जो नियम एंव शर्तें तय की गई है उसमें बीती 25 जुलाई को शासन से जारी आदेश का भी पूरी तरह पालन हो जाएगा।

पार्किंग को लेकर आम जनता से लिए जाएंगे सुझाव 

शासन से मिले आदेश के मुताबिक पार्किंग स्थल पर शेड, पेयजल और शौचालय का भी इंतजाम पार्किंग संचालक को ही करना होगा और यह करना अनिवार्य भी है। शहर की पार्किंग व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर निगम ने ‘पार्किंग उपविधि-2021’ बनाई है। इसे नगर निगम कार्यकारिणी और सदन से हरी झंडी भी मिल चुकी है। अब उपविधि में प्रावधानों को लेकर शहरवासियों से आपत्ति और सुझाव भी लिए जाएंगे।

आम जनता के सुझाव लेने के बाद और आपत्ति-सुझाव आने के बाद नियमावली को सदन और शासन की मंजूरी के बाद इसे तुरंत लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद प्राइवेट सेक्टर वालों को भी पार्किंग चलाने का अधिकार मिल जाएगा। नगर निगम फीस लेकर प्राइवेट पार्किंग चलाने वालों को लाइसेंस देगा। इसक शुल्क तय करने के लिए सदन में आपत्ति-सुझाव के बाद प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद नियमावली का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

पार्किंग संचालकों को करना होगा इन नियमों का पालन 

निर्धारित प्रति वाहन शुल्क से अधिक की वसूली नहीं करेगा।

पार्किंग स्थल पर शौचालय, पेयजल, टीन शेड और कुर्सी आदि की व्यवस्था करनी होगी।

ठेकेदार के कर्मचारियों के लिए ड्रेस तय करनी होगी।

कर्मचारियों को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी करना होगा और एक प्रति नगर निगम को भी देनी होगी।

पार्किंग की रसीद पर वाहन स्वामी का नाम, वाहन संख्या और समय, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा।

स्थल पर पार्किंग शुल्क का रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य है।

हर जोन के लिए पार्किंग पर्ची का रंग अलग होगा।

पार्किंग स्थल के 500 मीटर दायरे में नो-पार्किंग का बोर्ड लगाना होगा।

पार्किंग स्थल पर गाड़ी की जिम्मेदारी पार्किंग संचालक की होगी।

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