मुख्य बातें 

उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जानी है।

प्रधानमंत्री या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कराने की योजना बनाई जा रही है।

दैनिक यात्रियों को शहर के अंदर आने जाने का बेहतर साधन मुहैया करवाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में आम जनता को शहर के अंदर आने जाने का बेहतर साधन मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार लखनऊ-कानपुर समेत प्रदेश के 11 अन्य शहरों में एसी इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन जल्द शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही इन इन शहरों में चलने वाली एसी इलेक्ट्रिक बसों में लोगों को साधारण किराए पर यात्रा की सुविधा भी सरकार देने जा रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बन गई है। लखनऊ कानपुर समेत 11 अन्य शहरों में जल्द ही एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से 200 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कराने की योजना बनाई जा रही है।

 लखनऊ में घाटे में चल रही एसी इलेक्ट्रिक बसें 

उत्तर प्रदेश के 13 शहरों में इलेक्ट्रिक एसी बसें चलाई जानी है। लखनऊ, कानपुर और आगरा में 100-100 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। गाजियाबाद, मेरठ, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन और वाराणसी में 50-50 बसें चलेंगी। इसके अलावा अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, शाहजहांपुर। गोरखपुर और झांसी में 25-25 बसें चलेंगी। लखनऊ में एसी बसें घाटे में चल रही थी। इसलिए एसी बसों को साधारण किराए पर चलाने का फैसला लिया गया है। ऐसे ही लखनऊ की तर्ज पर अब अन्य प्रदेश के 13 शहरों में भी यह सुविधा देने की तैयारी है। नगर विकास विभाग का मानना है की अधिक से अधिक सांवरियां एसी इलेक्ट्रिक बसों में सफर करेंगी तो घाटा भी कम होगा और जब इन एसी बसों में अधिक संख्या में सांवरियां आने लगेंगी और यात्री इसके आदि हो जाएंगे, इसके बाद इन बसों का किराया बढ़ा दिया जाएगा। 

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