भारत सरकार ने बीते शुक्रवार को ‘नई वाहन कबाड़ नीति’ घोषित की। इसके तहत अगर कोई वाहन फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाता है तो उसे कबाड़ घोषित कर नष्ट कर दिया जाएगा। लेकिन इसके फायदे भी हैं। कबाड़ में वाहन बेचने वालों को नई गाड़ी की खरीद पर पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा, साथ ही रोड टैक्स में खासी रियायत मिलेगी। आपको बता दें कि सभी निजी वाहन 20 साल और कमर्शियल वाहन 15 साल बाद कबाड़ होंगे, इतना ही नहीं यदि इससे पहले भी आपका वाहन फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाया तो कबाड़ घोषित किया जाएगा।

जानें कैसे पता चलेगा आपका वाहन कबाड़ है या नहीं 

आपक वाहन कबाड़ है या नहीं इसके लिए 500 फिटनेस केंद्र खोले जाएंगे जहां आपको जांच करानी होगी तब तय होगा कि आपका वाहन कबाड़ किया जाए या नहीं। अगर आपका वाहन कबाड़ हुआ तो कुल कीमत का 4 से 6 % नकद मिलेगा, एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसे दिखाकर नए वाहन पर 5% और रोड टैक्स में 25% छूट ले सकेंगे और पंजीकरण शुल्क भी माफ होगा। ‘नई वाहन कबाड़ निति’ में कृषि से जुड़े वाहन जैसे ट्रैक्टर, पावर टिलर, हार्वेस्टर और निर्माण वाहन चलते रहेंगे, उन्हें कबाड़ घोषित नहीं किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि ‘नई वाहन कबाड़ नीति’ से नए वाहनों के दाम में 40% तक की कमी आने का अनुमान है क्यूंकि पुरानी गाड़ियों से स्टील मिलेगा तो लागत घट जाएगी। इसके साथ ही इससे प्रदूषण में कमी आएगी और वाहनों का रखरखाव, मरम्मत पर खर्च कम होगा। इससे सड़क हादसे घटेंगे और 35, 000 नई नौकरियां मिलने का अनुमान है। 

लखनऊ में 3 लाख से ज्यादा वाहन होंगे कबाड़ 

‘नई वाहन कबाड़ नीति’ लागू होने के साथ ही यूपी के 21,23,813 वाहन चरणबद्ध तरीके से कबाड़ किए जाएंगे। इसमें राजधानी लखनऊ के 3,45,290 वाहन शामिल है। प्रदेश में पुराने वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा लखनऊ में है। नई वाहन कबाड़ निति आने के साथ-साथ परिवहन विभाग ने सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कमर्शियल और निजी वाहनों की सूची तैयार कर ली है। अफसरों का दावा है कि जैसे ही सरकार के निर्देश मिलेंगे वाहनों को एनआईसी के सर्वर से डि-रजिस्टर कर दिया जाएगा। हालांकि विंटेज वाहनों को ‘नई वाहन कबाड़ निति’ से छूट मिलने से उनके मालिकों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। प्रदेश में सबसे ज्यादा पुराने वाहन लखनऊ में हैं। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ कार्यालय में आज की तारीख में 20 साल से ज्यादा पुरानी 3,22,854 निजी गाड़ियां पंजीकृत है। जबकि देवां रोड एआरटीओ में दर्ज पुराने निजी वाहनों की संख्या 9213 है। जबकि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ कार्यालय में 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों की संख्या 14,223 है। यह सभी वाहन पहले चरण में ही कबाड़ कर दिए जाएंगे। 

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