लखनऊ में हैदर कैनाल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम शुरू हो गया। उम्मीद है कि दिसंबर तक रिटेनिंग वॉल समेत 55 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा। गोमती में गिर रहे जीएच कैनाल (हैदर कैनाल) के सीवर के पानी को शोधित करने के लिए बन रहे 120 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में यहां करीब 100 मज़दूर काम कर रहे है। एसटीपी का निर्माण अब केंद्र पोषित अमृत योजना के तहत कराया जाएगा। एसटीपी के निर्माण पर 297.38 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

अपर मुख्य सचिव (नगर विकास) डॉ. रजनीश दुबे ने मीडिया को बताया की एसटीपी के संचालन से कुल खपत का 65 फीसदी बिजली एसटीपी से निर्मित हो सकेगी। हैदर कैनाल एसटीपी के जरिये जहां गोमती नदी का प्रदुषण कम होगा, वहीँ 120 एमएलडी छमता के बनने वाले एसटीपी को चलाने के लिए वहीं पर बिजली बनेगी। इससे प्लांट को चलाने के लिए बिजली की कुल खपत का 65 फीसदी उत्पादन इसी जगह पर होगा।

गोमती नदी को स्वच्छ रखने में मिलेगी मदद 

हैदर कैनाल के जरिए गोमती में शहर के एक बड़े हिस्से का सीवर गिरता है। गोमती की स्वच्छ बनाने के लिए चल रही कवायद के तहत ही हैदर कैनाल पर नदी के किनारे ही एक एसटीपी का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं नगर विकास मंत्री ने निर्माण कार्य का निरक्षण किया और 55 फीसदी निर्माण कार्य को दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सेक्टर योजना के तहत 2017 में हैदर कैनाल पर एसटीपी बनाने की योजना मंज़ूर की गई थी। इसका काम मेसर्स शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी (मुंबई) को दिया गया था, तब 68 करोड़ का बजट मंज़ूर किया था, इससे 25 प्रतिशत ही काम हो पाया था। कंपनी ने बजट की कमी बता काम बंद कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने अमृत योजना के तहत 297 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी थी। कार्य के पूर्ण होने पर गोमती को हैदर कैनाल के सीवर के गंदे पानी से राहत मिल सकेगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *