मलिहाबाद के जेहटा में 400 केवी का ट्रासंमिशन उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है। यह इस शनिवार से चालू हो सकता है। यह लखनऊ का 400 केवी क्षमता का दूसरा ट्रांसमिशन उपकेंद्र है। इसके शुरू होने पर 9 उपकेंद्रों से जुड़े करीब 4 लाख घरों बिजली सप्लाई में सुधार होगा। इसके साथ लोगों को लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग से भी राहत मिलेगी। जेहटा ट्रांसमिशन उपकेंद्र 195 करोड़ की लागत से बना है। इसमें 500 एमवीए के 2 और 200 एमवीए के 2 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। कुर्सी रोड स्थित 400 केवी, उन्नाव के भरावल स्थित 400 केवी, रहीमाबाद स्थित 132 केवी और हरदोई रोड के 220 केवी छमता वाले ट्रांसमिशन उपकेंद्र को जेहटा ट्रांसमिशन से जोड़ा गया है।

अक्टूबर में शुरू होगा सतरिख रोड ट्रांसमिशन उपकेंद्र

नया ट्रांसमिशन उपकेंद्र शुरू होने से रहीमाबाद, मलिहाबाद, माल, काकोरी, राजाजीपुरम, वसंतकुंज योजना, आवास विकास की आम्रपाली योजना, ऐशबाग, अपट्रॉन के नूरबाड़ी, महताब बाग, ठाकुरगंज, हनुमान सेतु उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली सप्लाई सुधरेगी। ट्रांसमिशन इंजीनियर के मुताबिक, एआईएस तकनीक पर आधारित जेहटा ट्रांसमिशन शुरुआत में कुर्सी रोड और भरावल ट्रांसमिशन पर निर्भर रहेगा। फिलहाल ग्रिड से कोड हासिल करने की प्रक्रिया जारी है। शनिवार को ट्रांसमिशन पूरी क्षमता से चालू हो जाएगा।

सतरिख रोड पर बन रहा है 220 केवी का ट्रांसमिशन उपकेंद्र अक्टूबर में चालू हो जाएगा। यहां 60 एमवीए ट्रांसमिशन क्षमता वाले 2 ट्रांसफार्मर लागए जा रहे हैं। 34 करोड़ की लागत से बने इस ट्रांसमिशन से लौलाई, गोमतीनगर विस्तार, शिवपुरी, कमता, ग्वारी कल्वर्ट और विशालखंड उपकेंद्र में बिजली सप्लाई होगी। ट्रांसमिशन एक्सईएन पंकज उपाध्याय ने बताया कि इन उपकेंद्रों की सूचि उच्च अधिकारीयों को भेज दी गई है। 

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