लखनऊ पीजीआई में पहले 7 लिवर ट्रांसप्लांट पूरी तरह मुफ्त होंगे। मरीज और उनके तीमारदारों से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। ट्रांसप्लांट पर आने वाला खर्च संस्थान प्रशासन वहन करेगा। इसका मसौदा संस्थान प्रशासन से शासन को भेजा है। अधिकारियों ने प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद जाहिर की है।

पीजीआई में लिवर ट्रांसप्लांट की ओपीडी शुरू हो गई है। इसमें लिवर फेल मरीजों की स्क्रीनिंग चल रही है। डोनर की भी काउंसलिंग चल रही है। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान के मुताबिक कोरोना संक्रमण कम हो गया है। ऐसे में संस्थान में सितंबर से लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने का फैसला किया गया है। इसके लिए डॉक्टरों ने 22 जुलाई से ओपीडी शुरू कर दी है। सोमवार से शुक्रवार तक लिवर फेल मरीजों को देखा जा रहा है। 

गरीब मरीजों को दी जाएगी मुफ्त ट्रांसप्लांट में प्राथमिकता

5 मरीज ट्रांसप्लांट कराने के लिए राजी हैं। इनकी जरूरी जांच और अंगदान सबंधी कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया की पहले 7 मरीजों का लिवर ट्रांसप्लांट मुफ्त होगा। इसके लिए शासन को पत्र भेजकर इजाजत मांगी गई है। सरकारी संस्थानों में लिवर ट्रांसप्लांट पर करीब 12 से 15 लाख रुपये का खर्च आता है। प्राइवेट में यह खर्च 35 से 40 लाख रुपये है। उन्होंने बताया की मुफ्त ट्रांसप्लांट के लिए गरीब मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। डॉक्टर दिल्ली के संस्थान से प्रशिक्षण हासिल कर चुके हैं। इसमें चार सर्जन, हेपटोलॉजिस्ट, एक रेडियोलाजिस्ट, तीन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, एक पैथोलॉजिस्ट ट्रेनिंग पूरी करके वापस आ चुके हैं। 

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