मुख्य बातें

लोहिया अस्पताल का लोहिया संस्थान में विलय हो चुका है।

31 अगस्त को हॉस्पिटल में मुक्त जांच-इलाज की मियाद भी पूरी हो गई।

मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए 6 माह तक हॉस्पिटल में मुफ्त जांच-इलाज सेवा को और बढ़ा दिया गया है।

हॉस्पिटल ब्लॉक के 467 बेड पर मुफ्त इलाज होगा।

हॉस्पिटल ब्लॉक में 12 विभागों का संचालन हो रहा है जहां अभी मरीजों को निःशुल्क इलाज मिलता रहेगा। 

लखनऊ में डॉ॰ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक में अगले 6 महीने और लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा। संस्थान में 1 रुपये के पर्चे पर लोगों को मुफ्त इलाज मिलेगा और इसके अलावा दवा से लेकर जांच और सिटी स्कैन भी मुफ्त होगा। 31 अगस्त 2021 को हॉस्पिटल में मुफ्त जांच -इलाज का समय पूरा हो गया था, जिसे अब 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। इससे यहां ओपीडी में रोज आने वाले 3 से 4 हजार लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें सस्ते इलाज के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

467 बेड पर मिल रहा मुफ्त इलाज 

हॉस्पिटल ब्लॉक में 467 बेड हैं, संस्थान में 350 बेड का मुख्य परिसर और शहीद पथ पर 200 बेड का मातृ-शिशु अस्पताल चल रहा है। ऐसे में विलय के बाद बेडों की संख्या 1017 हो गई है। हॉस्पिटल ब्लॉक के 467 बेड पर मुफ्त इलाज मिल रहा है। यदि मरीज को संस्थान के विशेषज्ञ विभागों में शिफ्ट किया जाता है तो मरीज को शुल्क चुकाना पड़ता है। 

12 विभागों में 1 रुपये पर मिल रहा इलाज 

हॉस्पिटल ब्लॉक में 12 विभागों का संचालन हो रहा है। इसमें मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ईएनटी, गायनेकोलॉजिस्ट, त्वचा, मानसिक, नेत्र, टीबी एंड चेस्ट, आर्थोपेडिक, बाल रोग विशेषज्ञ समेत दूसरे विभाग शामिल है। इन विभागों में 1 रुपये के पर्चे पर ओपीडी में इलाज करवाने की सुविधा है और भर्ती मरीजों के मुफ्त इलाज का भी प्रावधान है। अब इसकी मियाद पूरी होने पर इन विभागों में 1 रूपये के पर्चे पर इलाज मिलने का संकट आ गया था। इस समस्या को देखते हुए और मरीजों के हित में सोचते हुए संस्थान प्रशासन ने मरीजों की दिक्कतों का हवाला देते हुए इस संबंध में पत्र भेजा था। अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह के मुताबिक 6 महीने तक हॉस्पिटल ब्लॉक में पहले की तरह इलाज मिलता रहेगा और मरीज भी निःशुल्क भर्ती होंगे। संस्थान के इस फैसले से हज़ारों गरीब मरीजों को लाभ मिलेगा जो आसपास के जिलों से और दूर दराज के इलाकों से लोहिया अस्पताल इलाज के लिए आते हैं। 

लोहिया अस्पताल का लोहिया संस्थान में विलय करने का आदेश 27 अगस्त 2019 को जारी हुआ था। 6 सितम्बर 2019 को हॉस्पिटल चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग को स्थानांतरित हुआ और इसके तहत 31 अगस्त 2021 को हॉस्पिटल में मुफ्त जांच-इलाज की मियाद पूरी हो गई। मियाद पूरी होने के बाद संस्थान की दरें हॉस्पिटल में लागू होनी थी। इसके तहत मरीजों को 100 रूपये के पर्चे पर इलाज मिलना था।

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