कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग अपनी सभी तैयारियों को पूरा करने में लगा है ताकि लोगों को और खासकर की बच्चों को जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज मिल सके। इसी कड़ी में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका के मद्देनजर पीजीआई ने 50 बेड का बच्चों के लिए वार्ड तैयार कर लिया है। इस वार्ड में वेंटिलेटर व ऑक्सीजन सपोर्ट से लेकर अन्य सभी जीवनरक्षक उपकरण तैयार हैं। उधर, 50 बेड का दूसरा वार्ड भी बनाया जा रहा है। बच्चों के लिए यह वार्ड पीजीआई की मुख्य बिल्डिंग की पुरानी ओपीडी में बनाया गया है।

पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन के मुताबिक डॉक्टर से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन, एनेस्थीसिया, नियोनेटल व पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों की निगरानी में वार्ड को तैयार किया गया है। हर बेड पर ऑक्सीजन को सुविधा उपलब्ध है, डॉक्टरों के कहना है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चे जिनका वजन 10 किलो से कम है, उनके लिए विशेष वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है। वेंटिलेटर की जरूरत कुल संक्रमित बच्चों में से 5 से 7 फ़ीसदी से ऊपर बच्चों में नहीं पड़ेगी। बच्चों के लिए नेबुलाइजर करने के लिए अलग से सुविधा की गई है। वहीं बड़ों को पीजीआई के ट्रामा में बनाये गए कोविड अस्पताल में इलाज मिलेगा।

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