लखनऊ की कोरोना टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाने के कई प्रयास किये जा रहे हैं। इसी सम्बन्ध में लखनऊ के ‘किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी’ (King George’s Medical University) में एक ‘हाई थ्रूपुट लैब’ (High Throughput Lab) शुरू की गई है। विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित यह नया केंद्र दैनिक टेस्टिंग संख्या को उनके इस समय की गिनती से 1.5 गुना तक बढ़ाने में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह नयी पहल आरटी-पीसीआर टेस्टिंग मशीनों और आरएनए एक्सट्रैक्शन उपकरणों की संख्या में बढ़ोतरी से प्रेरित है।

केजीएमयू का माइक्रोबायोलॉजी विभाग देश में टेस्टिंग टैली में है सबसे आगे

रोज़ाना टेस्टिंग में 50% की बढ़ोतरी के साथ, यह केजीएमयू केंद्र वायरस से बचाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, लैब का उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने किया। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना की। विशेष रूप से, लॉन्च इवेंट में केजीएमयू के कुलपति, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ बिपिन पुरी की सम्मानित उपस्थिति से भी देखी गयी।

एक उल्लेखनीय उपलब्धि में, संस्थान का सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग 22 लाख से अधिक परीक्षण करने में सफल रहा है, जिससे यह देश में सबसे अधिक परीक्षणों वाला केंद्र बन गया है। इसके अलावा, जीनोम अनुक्रमण सुविधाएं भी यहां उपलब्ध हैं, जो वायरस के विशिष्ट तनाव को निर्धारित करने में मदद करती हैं। इसके कारण, संस्थान का विभाग शहर में भी अनुसंधान गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा है।

लखनऊ में बुधवार को 9 नए मामले और 11 लोग ठीक हुए 

लखनऊ में कोविड मामलों की संख्या में गिरावट के साथ, शहर का जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। लखनऊ में बुधवार को 9 नए संक्रमण और 11 ठीक होने की सूचना मिली। इससे प्रेरित होकर, शहर के सक्रिय मरीज़ों की संख्या 127 तक हो गयी है। अब तक, कुल मिलाकर 2,38,478 मरीज इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि अब तक कुल 2,651 लोगों की मौत हो चुकी है।

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