लखनऊ शहर की मेहमान नवाज़ी,शिष्टाचार और तहज़ीब ही शहर की दुनिया भर में पहचान के कारण हैं। हर एक शहर को सामुदायिक सद्भाव और एकाकीपन के जज़्बे को आगे बढ़ाने के लिए संस्कृति और पुरानीयत के साथ नए ज़माने की आज़ाद सोच के तोहफे को भी अपनाना ज़रूरी है। आज के समय में शहर में ऐसे स्थान होने ज़रूरी हैं जहाँ हर एक व्यक्ति और ख़ासकर LGBTQIA+ समुदाय के व्यक्तियों के लिए जो सामाजिक मानदंडों और अपने अंतर की सच्चाई के बीच एक विचित्र अंतर्द्वंद में फंसे होते हैं। ऐसे व्यक्ति जो हर दिन इस बड़ी दुनिया में अपनी सच्ची शख़्सियत को खुलकर जीने की औरों से अधिक जद्दोजहद कर रहे हैं।

शहर में एक ऐसी ही छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशील जगह है “आत्मनिर्भर चायवाला” जो की शहर में LGBTQIA+ समुदाय की आवाज़ बनकर आये हैं। शहर की एलडीए कॉलोनी के सेक्टर जी में खुले यह चाय और स्वादिस्ट खाने के जॉइंट में आप अपने दोस्तों और सभी ख़ास लोगों के साथ जाकर चाय पर अपने दिल का हाल कह सकते हैं। चाय की दुकान के सामने LGBTQIA+ रंगीन प्राइड वॉल सेटअप, शहर के लोगों के लिए और जगहों से हटकर आकर्षण में बदल गया है।    

सामाजिक स्वीकृति और एक समान दुनिया के संदेश को बढ़ावा देना

 Knocksense से बात करते हुए संस्थापक,दिव्यांश अस्थाना ने बताया,” “लखनऊ में LGBT समुदाय के लोगों का समर्थन करने वाला शायद ही कोई ऐसा स्थान हो। हम मानते हैं कि हर कोई समान है और इसलिए, हमने एलजीबीटी समुदाय के लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए दीवार को रंग दिया है। हमारे जॉइंट में सभी प्रकार के लोगों का स्वागत किया जाता है, जहां वे आराम से बैठ सकते हैं आराम कर सकते हैं और स्वादिष्ट चाय और स्नैक्स का आनंद लें सकते हैं। इसके माध्यम से, हम सामाजिक स्वीकृति के संदेश को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।”

लखनऊ विश्वविद्यालय के एक युवा ग्रेजुएट, दिव्यांश ने महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान अपने दोस्त जतिन कलानी के साथ इस स्टार्टअप के सफर को शुरू किया। दिलचस्प बात यह है कि इस स्थान पर मिलने वाले सभी स्नैक्स वे दोनों खुद तैयार करते हैं, जो उन्होंने अपने घर की रसोई में सीखे हैं।

कई प्रकार की चाय और स्वादिष्ट स्नैक्स के साथ 

दिव्यांश ने कहा, “हालांकि मैं खुद समुदाय से संबंधित नहीं हूं, मैं इसके बारे में अधिक से अधिक लोगों को सूचित करना सुनिश्चित करता हूं। बड़ी संख्या में आगंतुक मुझसे रंगीन दीवार के बारे में सवाल करते हैं। उन्हें ध्वज या समुदाय के बारे में कोई जानकारी नहीं है और मैं उन्हें इन चीजों के बारे में बताता हूं। इससे मुझे LGBTQIA+ समुदाय के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है।”

जहां चाय प्रेमी इस जॉइंट में मसाला चाय, चॉकलेट चाय और अन्य किस्मों का स्वाद ले सकते हैं, वहीं सैंडविच, अलग अलग प्रकार की मैगी, रैप्स, बर्गर और बन-मस्का की जैसे  स्नैकर्स के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनाती है। इसके अतिरिक्त, स्टोर में बैठने की कुछ व्यवस्था भी है और यहाँ जन्मदिन समारोह और छोटे संगीत समारोहों का भी आयोजन किया जाता है।

नॉक नॉक

यदि प्रत्येक व्यक्ति दिव्यांश और जतिन जैसी सोच का धनि हो तो यह दुनिया सिर्क कल्पनाओं में ही नहीं शब्दों और कर्मों के माध्यम से भी हर एक व्यक्ति को उसके सबसे प्राकर्तिक रूप में स्वीकार कर पाएगी। इन युवाओं का अपने व्यवसाय के माध्यम से सामाजिक समावेश और स्वीकृति का एक मजबूत संदेश देने का यह प्रयास सराहनीय हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि यह दोस्त निश्चित रूप से उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो सकरात्मक सोच की शक्ति में विश्वास करते हैं और बदलाव के भरसक प्रयास करते हैं। समाज की निरंतर विकसित होती हुई प्रकृति को देखते हुए, यह रंगबिरंगी दीवार जैसे छोटे कदम महत्वपूर्ण परिवर्तनों को प्रेरित कर सकते हैं!

 स्थान: जेडी टॉवर, बालाजी मंदिर के पास, सेक्टर जी, एलडीए कॉलोनी, लखनऊ

 समय: सुबह 7 बजे – रात 9:30 बजे

 अंग्रेजी में यह लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें- आत्मनिर्भर चायवाला 

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