लखनऊ में प्रदुषण की समस्या को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने तयारी कर ली है। शहर में बीते कुछ सालों से प्रदुषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और इससे शहर की हवा ख़राब हो रही है, जो की आम जनता के लिए बेहद खतरनाक है। इसी के चलते राजधानी में प्रदुषण 30% तक कम करने के लिए प्‍लानिंग की गई है। इसके लिए माइक्रो योजना तैयार हुई है। इस योजना के तहत मलबा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने, खुदी सड़कों को तुरंत बनाने समेत कई काम होंगे।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारीयों ने इस पर हो रही कार्यवाही की समीक्षा की तथा वर्तमान में नई जरूरतों के हिसाब से सुधार की जानकारी दी। इसके लिए सभी 17 विभागों के अधिकारीयों को बुलाया था। नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में केंद्र के अधिकारियों ने राजधानी के विभिन्न विभागों के अफसरों के तमाम सुझाव दिए हैं। इसी में ट्रैफिक लाइट के सुधार की भी बात हुई। अपर निदेशक ने कहा की वह जल्द औचक निरक्षण करेंगे। मानक के अनुसार काम नहीं मिला तो जिम्मेदारों पर एक्शन होगा।

लखनऊ के ट्रैफिक सिग्नल लाइट को ऑटोमेटिक किया जायेगा। जिस तरफ ज्यादा ट्रैफिक होगा, ऑटोमेटिक उस तरफ की ट्रैफिक लाइट हरी हो जायेगी। जिधर ट्रैफिक कम होगा उधर की लाइट लाल रहेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एडिशनल डायरेक्टर डॉ.डीके सोनी ने राजधानी में प्रदुषण की समस्या की समीक्षा के दौरान इसके निर्देश दिए।

विभागों को करने होंगे ये काम

नगर निगम को शहर में कहीं भी कूड़ा एकत्र नहीं होने देना होगा।

बिल्डिंग में ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे तथा ईट पत्थर के निस्तारण के लिए प्लांट लगाना होगा।

लोक निर्मण विभाग तथा जल निगम को ख़राब सड़कों को तत्काल बनाना होगा।

नगर निगम को भी ख़राब सड़कें बनानी होंगी।

जल निगम सीवर लाइन डालने के लिए सड़कें खोद रहा है उसे भी तत्काल बनवाना होगा।

एलडीए और आवास विकास को ढककर बिल्डिंग का निर्माण करना होगा।

निर्माण शुरू करने और ख़त्म करने की पहले से प्लानिंग करनी होगी।

खुले में निर्माण सामग्री को नहीं रखा जाएगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *