लखनऊ में कोरोना काल में संस्थान बंद रहे, ऑनलाइन क्लास के बाद विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया गया। ऐसे में लखनऊ यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने ट्विटर पर फीस कम करने का अभियान छेड़ दिया है। उनका कहना है कि जब पूरे के पूरे सेमेस्टर हम विद्यार्थियों ने किसी संसाधन का प्रयोग नहीं किया तो फिर फीस कम की जानी चाहिए। इसके साथ ही छात्रों ने कोरोना महामारी की स्तिथि को देखते हुए भी पाठ्यक्रम शुल्क में कमी और परीक्षा नहीं तो परीक्षा शुल्क में भी राहत देने की मांग की है। छात्रों ने कहा कि कोविड -19 रोगियों के इलाज पर भारी चिकित्सा व्यय के कारण कई परिवारों की वित्तीय स्थिति खराब हो गई है और विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क को समाप्त करने और अन्य मदों के तहत शुल्क को कम करने पर विचार करना चाहिए।

परीक्षा शुल्क को समाप्त करने के लिए उन्होंने ट्विटर पर ‘नो एग्जाम, नो फीस’ अभियान शुरू किया है, जिससे काफी संख्या में विद्यार्थी जुड़ रहे हैं। इस बीच, लखनऊ यूनिवर्सिटी की ऑफलाइन ग्रेजुएशन लास्ट ईयर और फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं (Lucknow University Last Year Exam 2021) 2 अगस्त से शुरू होगी। विस्तृत कार्यक्रम शनिवार को एलयू की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। एलयू के प्रवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा, ‘सभी छात्रों को 10 जुलाई तक ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरना है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के प्रतिनिधियों ने भी फीस माफी की मांग की है। एक अन्य छात्र ने कहा, “समाज कल्याण विभाग ने अभी भी गरीब छात्रों के लिए छात्रवृत्ति जारी नहीं की है और कई परिवार वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं, एलयू को फीस में रियायत देने पर विचार करना चाहिए। छात्रों ने पूछा, “डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि वह उन छात्रों का खर्च वहन करेगा जिन्होंने कोविड के कारण माता पिता को खो दिया है और निजी स्कूल भी छात्रों को शुल्क में रियायत दे रहे हैं. लॉ स्कूलों ने पहले ही उपयोगिता शुल्क के लगभग 14,000 रुपये वापस कर दिए हैं, तो लखनऊ विश्वविद्यालय ऐसा क्यों नहीं कर सकता ?

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