लखनऊ के चांदसराय से लेकर गाजीपुर के हैदरिया तक 340.824 किलोमीटर का 6 लेन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजे एक्सप्रेसवे पर बनाई गई हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान सी-130जे हरक्युलिस से पहुंचे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। इसके बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आसमान पर सुखाई 30 ने हवा में करतब दिखाए और मिराज 2000 ने एयरस्ट्रिप पर उड़ान भरी।

यह एक्सप्रेसवे 22 हजार करोड़ रुपये में बनकर तैयार हुआ है और यह 9 जनपदों को जोड़ेगा जिनमें, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर है। इसके साथ ही यह एक्सप्रेसवे इन 9 जिलों के कई गांवो को भी जोड़ेगा। इनमें लखनऊ के 14, सुल्तानपुर के 112, अमेठी के 18, बाराबंकी के 36, अयोध्या के 5, अंबेडकरनगर के 7, आजमगढ़ के 110, मऊ के 70 और गाजीपुर के 69 गांव इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से दो लिंक एक्सप्रेसवे भी निकाले जाएंगे। इसमें से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का काम शुरू हो गया। इस एक्सप्रेसवे को भी 2023 तक शुरु कर दिया जाएगा। इसके अलावा बलिया लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण भी किया जाएगा और इसका खाका तैयार कर लिए गया है।

एक्सप्रेसवे पर चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर पैकेज पर 112 की गाड़ियां मौजूद रहेंगी। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे पर अगर कोई दुर्घटना हो जाती है या फिर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर पैकेज पर दो-दो एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारु ढंग से चलाने के लिए और इस पर सफर करने वाले मुसाफिरों की सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लगाया गया है। यह सिस्टम एक्सप्रेसवे पर यातयात की निगरानी करेगा और ओवर स्पीडिंग करने वालों वाहनों पर नजर रखेगा जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।

यह एक्सप्रेस-वे अभी 6 लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन भी किया जा सकता ह। दावा है कि इस एक्सप्रेस-वे से गाजीपुर से दिल्ली पहुंचने में 10 घंटे लगेंगे। यूपी सरकार के मुताबिक, अक्टूबर 2018 में इसका काम शुरू हुआ था और तीन साल में इसे पूरा कर लिया गया।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों से फिलहाल कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस पर सफर करना गले कुछ दिन तक पूरी तरफ मुफ्त होगा। एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा के पूरी तरह बन जाने के बाद टोल वसूलने का काम निजी कंपनी को दिया जाएगा और कंपनी ही प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल की दरें तय करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि एक्सप्रेसवे की टोल की दरें लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे की दरों के आसपास ही रखी जाएगी।

अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि एयरफोर्स की आकस्मिक और इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सुल्तानपुर में 34 मीटर चौड़ी और 3.20 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है जिसमें एयरफोर्स का विशेष योगदान है। जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल लैंडिंग और उड़ान भरने के लिए कर सकती है।

एक्सप्रेस-वे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से डिजाईन किया गया है, लेकिन कानूनी रूप से इस पर वाहनों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

आगरा एक्सप्रेसवे के मुकाबले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई एक मीटर ज्यादा है और इसके दोनों तरफ हरियाली होगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ा है। इससे गाजीपुर के किसान अपना माल लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आसानी से भेज सकेंगे। एक्सप्रेसवे पर 4.50 लाख वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

एक्सप्रेस-वे पर 18 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवरब्रिज, 7 दीर्घ सेतु, 104 लघु सेतु, 13 इंटरचेंज, 5 रैम्प प्लाजा, 271 अंडरपासेज और 525 पुलियों का निर्माण कराया गया है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को आज से आम जनता की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। लेकिन आपको बता दें कि एक्सप्रेस-वे पर अभी कुछ सुविधाएं मौजूद नहीं हैं जिनका काम अभी भी अधूरा पड़ा है। एक्सप्रेस-वे पर आपको पेट्रोल पंप, टॉयलेट, गैराज और जनसुविधा परिसर की सुविधा अभी नहीं है। हालांकि, जल्द ही इस पर 8 पेट्रोल पंप, 4 सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।

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