भारी तादात में कोरोना से ग्रसित मरीज़ों की संख्या के साथ उत्तर प्रदेश चिकित्सा संसाधनों और सुविधाओं में एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। इन कठिन परिस्थितियों को देखते हुए, राज्य सरकार ने राज्य के सभी जिलों में चिकित्सा कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स के एक "मैनपावर बैंक" का गठन करने की योजना शुरू की है।

रिटायर्ड डॉक्टर और अंतिम वर्ष के मेडिकल छात्रों को तैनात किया जाएगा 


इस पहल के तहत, मानव संसाधन की कमी वाले क्षेत्रों में रिटायर्ड डॉक्टर, रिटायर्ड सैन्यकर्मी, अनुभवी पैरामेडिक्स और मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्रों को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। यह निर्णय तब लिया गया जब अधिकारियों ने यह देखा कि कुछ केंद्रों पर मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, सीएम ने उन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के लिए नियुक्तियों को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा है जिनमें ये पद खाली हैं।

कथित तौर पर, लखनऊ के आरएमएल अस्पताल में 100 बेड जोड़े जा रहे हैं, जबकि केजीएमयू में 250 नई यूनिट को जोड़ने की योजना है। इसके अलावा, अवध शिल्पग्राम और हज हाउस में नए कोविड अस्पतालों की स्थापना तेज़ी से चल रही है और उन्हें बहुत जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।

कोरोना संकट को कम करने के लिए किये जा रहे उपाए


राज्य में अधिकारियों को ऑक्सीजन की समस्याओं को ठीक करने के लिए जामनगर (गुजरात), दुर्गापुर और बरजोरा (पश्चिम बंगाल) और राउरकेला (ओडिशा) से ऑक्सीजन सप्लाई प्राप्त करने में सफलता मिली है। इन प्रयासों के कारण, लखनऊ में शनिवार को शहर के लिए एलएमओ (LMO) स्टॉक का विस्तार करते हुए सातवीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस आयी। इसके अलावा, अधिकारी आवश्यक तकनीकी सहायता की मदद से चीनी मिलों को ऑक्सीजन निर्माण केंद्रों में परिवर्तित करने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

राज्य में प्रशासन को गर्भवती महिलाओं को 100% सहायता का आश्वासन देने की तरफ अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। इस बारे में बोलते हुए, सीएम ने पुष्टि की कि ऐसी महिलाओं को तत्काल एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए और ज़रुरत पड़ने पर उन्हें सुव्यवस्थित उपायों के माध्यम से चिकित्सा सहायता प्रदान की जानी चाहिए।