लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में बच्चों के लिए बनाए जाएंगे पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआइसीयू)। सभी जिलों के अस्पतालों में 10 से 15 बेड तो मेडिकल कॉलेजों में 25 से 30 बेड की व्यवस्था होगी, इसी तरह हर मंडल मुख्‍यालय पर 100 बेड का पीआइसीयू तैयार किया जाएगा। इन पीआइसीयू के माध्यम से कोरोना सहित कई अन्य बिमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों का उपचार किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में अभी किसी भी जिले में पीडियाट्रिक आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। कई अस्पतालों में पीआइसीयू बने है लेकिन उनका संचालन नहीं है और गंभीर स्थिति में बच्चों को मेडिकल कॉलेजों जैसे - केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया संस्थान में रेफेर किया जाता है।

चिकित्सा विशेषज्ञों का अनुमान कोरोना की तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आ सकते है


हाल ही में चिकित्सा विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है की आने वाली संभावित कोरोना की तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आ सकते है। इसी को देखते हुए भविष्य में ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू की जा रही है ताकि कोरोना या अन्य घातक बीमारियों से बच्चों को समय पर बचाया जा सके और उनका बेहतर उपचार हो सके। इस संबंध में सीएम ने पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) को लेकर जल्द से जल्द व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

सीएम ने अधिकारीयों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि विशेषज्ञों के आंकलन को देखते हुए सभी जिलों में बच्चों के स्वास्थ्य और उपचार के लिए विशेष इंतजाम करने की जरूरत है। इस उद्देश्य से सभी जिला अस्पतालों में आवश्यक मेडिकल उपकरण, मेडिसिन का और अन्य इंतजाम पहले से ही कर लिया जाए।