महामारी का मुकाबला करने के लिए उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों को बढ़ाने के उद्देश्य से, लखनऊ में एक मदरसे को एक कोविड केयर क्लिनिक में बदल दिया गया है, जो बुधवार से कार्यात्मक होगा। जरूरतमंद और वंचित व्यक्तियों के लाभ के लिए अत्यधिक आबादी वाले कश्मीरी मोहल्ला क्षेत्र में स्थित मदरसा अबू तालिब में यह सुविधा शुरू की जाएगी। मौलाना सैफ अब्बास द्वारा उद्घाटन के लिए तैयार, क्लिनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

केंद्र में चिकित्सा संसाधनों के साथ पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मचारी उपसब्ध हैं


यह कहा गया है कि सुविधा में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ पर्याप्त चिकित्सा पेशेवरों को तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, क्लिनिक में कोविड डायग्नोस्टिक किट, ऑक्सीमीटर और अन्य उपकरण जैसे सभी आवश्यक संसाधन होंगे जो कोविड संक्रमण के शीघ्र निदान में सहायता करते हैं। परियोजना के दूसरे चरण के तहत, इस क्लिनिक में आइसोलेशन बेड भी स्थापित किए जाएंगे, और सुविधा का उपयोग प्राथमिक रूप से कोविड रोगियों को क्वारंटाइन करने के लिए किया जाएगा।

मौलाना सैफ अब्बास के अनुसार, "यह विचार अप्रैल-मई में शहर में आए कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के अनुभव से आया है। अकसर लोग, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अस्पतालों में जाने से डरते हैं, और शुरूआत में लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं। जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया जाता है, तब तक बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है।"

मदरसे में शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहेंगी

अधिकारियों के अनुसार, शैक्षणिक गतिविधियां क्लिनिक के संचालन के समानांतर चलेंगी। क्लिनिक भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर स्थापित किया जाएगा, जबकि पहली मंजिल का उपयोग शिक्षण केंद्र के रूप में किया जाएगा।

महामारी की दूसरी लहर के दौरान, शहर में अस्पतालों में बिस्तरों और अन्य संसाधनों की कमी का अनुभव किया गया था, जिससे प्ररित होकर अधिकारियों ने मदरसे को कोविड क्लिनिक में बदलने का फैसला लिया। कोरोना के लक्षण दिखने पर लोग केंद्र पर जाकर अपनी जांच भी करा सकते हैं।

- आईएनएस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार