कई अध्यनों में यह पाया गया है कि मोबाइल, टीवी और लैपटॉप की स्क्रीन हमारे मस्तिष्क और आंखों पर दुष्प्रभाव डालती है, लेकिन महामारी के चलते वर्तमान समय में मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहना मुश्किल हो गया है। जहां हर जगह लॉकडाउन लगा है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है, ऐसे में अपने प्रियजनों से जुड़े रहने का सबसे सरल माध्यम सोशल मीडिया ही है। सोशल मीडिया पर आने वाली खबरें, नए ट्रेंड्स, वायरल वीडियो जैसी चीज़ों के कारण यह हमारे दैनिक जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया है, और हमारा जीवन कई मायनों में इसपर निर्भर हो गया है। पिछले साल इंटरनेट और फोन की मदद से लोगों ने अपने कई काम घर बैठे किए, खाली समय में ज़ूम पर दोस्तों से बात करके और इंटरनेंट से डालगोना कॉफी सीख कर अपना मनोरंजन किया, लेकिन इस साल परिस्थितियां और भी भयावह होने के बाद, सोशल मीडिया कई लोगों के तनाव का कारण बन गया है।

सोशल मीडिया बन रहा है मानसिक बिमारियों का कारण


देश में संक्रमण की दूसरी लहर के आगमन के बाद, पूरे देश के साथ सोशल मीडिया पर भी अराजकता का माहौल है। हर तरफ महामारी की भयावह स्थिति और चिकित्सा व्यवस्था में संसाधनों की कमी पर व्यापक नाराजगी से जुड़ी खबरे सोशल मीडिया पर हर तरफ देखने को मिल रहीं है। पहले सोशल मीडिया बाहरी दुनिया से जुड़ने के एक साधन था, लेकिन अब यहां पर कोविड-19 से संबंधित समाचारों, जानकारी और अफवाहों की भूलभुलैया में आप खुद को खोया हुआ महसूस कर सकते हैं।

नतीजतन, महामारी ने कई लोगों के मन में भय और चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिससे लोग डिप्रेशन, एंग्जाइटी और घबराहट जैसे मनोरोगों (mental illnesses) की समस्या से भी जूझ रहे हैं। यहाँ आप इन 5 सरल चीज़ों का पालन करके सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से खुद को बचा सकते है

1. सूचना के लिए एक विश्वसनीय स्रोत की तलाश करें


सूचना का कोई ऐसा स्रोत खोजें जो आपको विश्वसनीय तथ्य और सत्यापित (verified) समाचार प्रदान करता हो। यदि आप महामारी की स्थिति पर अपडेट या जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई एक विश्वसनीय पेज या वेबसाइट को फॉलो करें, कोविड संबंधित हर सोशल मीडिया पेज या वेबसाइट पर उपलब्ध सारी जानकारी को जानने की चेष्टा न करें। 'व्हाट्सएप के नुस्खे 'और किसी भी अन्य चिकित्सा दावे से दूर रहें जिन्हें आप वेरिफाई नहीं कर पा रहे हैं।

2. नकारात्मक लोगों से बनाएं दूरी


यदि सोशल मीडिया पर कोई पेज या व्यक्ति है जिसके द्वारा साझा की गई कोई भी जानकारी या फोटो आपको परेशान कर रही है, या विचलित कर रही है, तो उनसे दूरी बनाए और उन्हें अनफॉलो (unfollow) कर दें। अगर आपका किसी से बात करने का मन नहीं है तो चैट को म्यूट कर सकते हैं, हर किसी के मैसेज को जवाब देना आवश्यक नहीं हैं, जो आपके शुभचिंतक होंगे वो आपकी मानसिक स्थिति को समझेंगे, दूसरों को खुश करने के लिए अपने मन की शांति को दाव पर न लगाएं।

3. अपने लिए सीमाएं निर्धारित करें


यदि आप उन लोगों में से हैं जो आसानी से सोशल मीडिया के जाल में फंस जाते हैं, तो आप कुछ समय के लिए सभी अनावश्यक एपों (Apps) की नोटिफिकेशन (Notification) को म्यूट कर सकते हैं, ताकि बार-बार आपका ध्यान फोन पर न जाए। अगर सोशल मीडिया और फोन आपको काम करते हुए, खाने के समय या किसी से बात करते वक्त आपका ध्यान भटका रहा है, तो उस समय फोन को साइलेंट पर रखिए, इससे आप आवश्यक चीज़ों पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। सोने से 2 घंटे पहले किसी भी प्रकार की स्क्रीन को देखने से परहेज करें, इससे आपकी न केवल नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि अनावश्यक विचारों से भी बच पाएंगे।

4. सोशल मीडिया से लें कुछ समय का ब्रेक


सोशल मीडिया पर अपनी निर्भरता को कम करें और आवश्यक्ता पड़ने पर इससे कुछ दिनों के लिए ब्रेक भी ले सकते हैं। इस समय हम में से कई लोग अपना अधिकतर समय अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर व्यतीत कर रहें हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि यह आपकी मनोस्थिति को प्रभावित कर रहा है, तो कुछ दिनों के लिए सभी ऐसे चीज़ों से दूरी बना लें। अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को कुछ दिनों के लिए बंद करके अपने वास्तविक जीवन में लोगों से संवाद करें, कुछ समय बिना फोन के अपने साथ व्यतीत करें, इससे निश्चित रूप सें आपके मन को स्थिरता और शांति मिलेगी।

5. अपने दृष्टिकोण का दायरा बढ़ाएं


यदि आपको लगता है कि सोशल मीडिया पर समय व्यतीत करके आपका मन अशांत हो रहा है, तो जीवन के अन्य पहलुओं पर ध्यान दें। विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने की कोशिश करें, अपने दोस्तों और परिवार के साथ बातचीत में व्यस्त रहें और अलग-अलग किताबें पढ़ें। इससे न केवल आप नकारात्मकता से दूर रहे पाएंगे, बल्कि आपकी सोच के दायरे का भी विस्तार होगा।

नॉक-नॉक

कुछ समय अपने लिए निकालें, इस वक्त अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ का ध्यान रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस महामारी से हमारी मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए यह आवश्यक है कि इस वक्त हम वो करें जो हमारे मन को स्थिरता और सुकून प्रदान करे। अगर आपको लगता है कि सोशल मीडिया से दूरी बनाने से आपको बेहतर महसूस होगा तो आज ही यह महत्वपूर्ण कदम उठाएं।