लखनऊ के डा.राम मनोहर लोहिया संस्थान में सहायक प्रोफेसर डा.अमरजोत सिंह निःस्वार्थ सेवा का अनुकरणीय उदाहरण हैं, उन्होंने 300 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज़ों को फ़ोन पर मुफ्त परामर्श प्रदान किया है। जब शहर के लोग कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे तब डॉ. अमरजोत ने लोगों को मेडिकल सहायता प्रदान करके इंसानियत की मिसाल कायम की है। लखनऊ के याहियागंज गुरुद्वारा द्वारा शुरू की गयी एक कल्याणकारी पहल के एक भाग के रूप में डॉ. अमरजोत सभी कोरोना संक्रमित मरीज़ों का इलाज कर रहे हैं और उन्हें संक्रमण से लड़ने की क्षमता प्रदान कर रहे हैं।

महामारी के ठीक होने तक होम आइसोलेटेड मरीज़ों के लिए कल्याणकारी योजना चलती रहेगी


डॉक्टर अमरजोत के पिता गुरदीप सिंह यहियागंज गुरुद्वारे के अध्यक्ष हैं और इस योजना को संगठन के सचिव की मदद से औपचारिक रूप दिया गया था। अपनी सामान्य ड्यूटी के अलावा, उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को निभाया। जब उन्हें कॉल आती है, तो डॉक्टर अमरजोत सभी समस्याओं और लक्षणों को ध्यान से सुनते हैं और रिपोर्ट की जांच करते हैं। इसके बाद, वह रोगी को दवाइयां देते हैं जिससे कि बीमार व्यक्ति घर पर ही ठीक हो जाए।

कथित तौर पर डॉक्टर ने अपना नंबर 9621111151 दिया है जिसपर कोरोना मरीज़ संपर्क कर सकते हैं और आवश्यक मेडिकल सहायता प्राप्त कर सकते है। यह भी जानकारी है मुफ्त दवाओं को मरीज़ तक पहुंचाने का भी प्रावधान है। यह कहा गया है कि जब तक महामारी कम नहीं हो जाती, यह योजना कार्य करती रहेगी।

गुरुद्वारों द्वारा शहर में ढेर सारी सामाजिक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं


ऑक्सीजन लंगर से लेकर निःशुल्क शव वाहन की सुविधा प्रदान करने तक और ज़रूरतमंदो को खाना खिलाने तक गुरुद्वारा संघ अनेक कल्याणकारी योजनाओं का हिस्सा रहा है। ये न सिर्फ ज़रूरतमंदों के लिए लाभदायक हैं बल्कि और लोगों को भी दूसरों के हित के लिए काम करने के लिए प्रेरित करात है। महामारी से उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए याहियागंज गुरुद्वारा की ये पहल इस समय की आवशयता है।