लखनऊ में मशहूर ऐशबाग ईदगाह पर आज से कोरोना का टीकाकरण शुरू हो गया है। बीते बुधवार को ईदगाह में टीकाकरण का ड्राई रन किया गया था। यह पहली बार है जब एक किसी मज़हबी मकाम को टीकाकरण सेंटर की शक्ल में बदला जा रहा है, जहां लोग टीका लगवा सकते हैं। ईदगाह परिसर में 18 वर्ष ऊपर के सभी आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। टीका केवल उन्हीं को दिया जाएगा जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। ईदगाह में मौजूद इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अफसर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में लोगों की मदद कर रहे है।


ईदगाह के प्रवक्ता मौलाना सूफियान निजामी ने कहा, " केंद्र में 18 से 44 वर्ष की आयु के लाभार्थियों के लिए क्षमता 150 प्रति दिन है, और 44 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए 250 प्रति दिन है।" उन्होंने आगे कहा कि जो लोग खुद ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं उनकी मदद के लिए वॉलेंटियर होंगे। हालांकि टीकाकरण पहले से किए गए रजिस्ट्रेशन पर निर्भर करेगा और लोग ऑनलाइन कोविन पोर्टल पर अपनी पसंद के केंद्र के तौर में ईदगाह का सलेक्शन कर सकते हैं।''

ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के नेतृत्व में ईदगाह अधिकारियों द्वारा कोविड प्रबंधन और देखभाल में प्रशासन का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त करने के बाद, ईदगाह को टीकाकरण स्थल के रूप में चुना गया था। मौलवियों के अनुसार, इस कदम से टीकाकरण के बारे में और जागरूकता पैदा होगी और मुस्लिम आबादी, खासकर समुदाय के अनपढ़ लोगों के बीच वैक्सीनेशन बढ़ेगा।