जरुरी बातें

लखनऊ में 1 दिसंबर से बिना हॉलमार्क के गहने बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर में किसी भी सर्राफ़ा द्वारा बिना हॉलमार्क की गहने बेचने पर लगेगा जुर्माना।
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जायेगा।
सर्राफा कारोबारियों को हॉलमार्क से संबंधित बोर्ड भी लगाने पड़ेंगे।
बिना हॉलमार्क केंद्र वाले शहरों में बिना हॉलमार्क के भी आभूषण की बिक्री की जा सकेगी।

केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार 1 दिसंबर से हॉलमार्क केंद्रों वाले शहरों में बिना हॉलमार्क की ज्वैलरी बेचने पर रोक लगा दी है। इसी के तहत 1 दिसंबर से लखनऊ में कोई भी सर्राफा कारोबारी बिना हॉलमार्क की ज्वैलरी बेचेगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। हॉलमार्क चेकिंग के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सर्विलांस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जायेगा। जो भी सर्राफा कारोबारी हॉलमार्क वाले आभुषण की बिक्री करेंगे उन्हें अपनी दुकान के बाहर हॉलमार्क से संबंधित बोर्ड भी लगाने होंगे। केंद्र सरकार ने 30 नवंबर तक पुराने आभूषण के स्टॉक को हॉलमार्क युक्त कराने के निर्देश दिए थे।

उत्तर प्रदेश में हैं 19 हॉलमार्क केंद्र

पूरे देश मे कुल 950 हॉलमार्क केंद्र हैं और यूपी में 19 हॉलमार्क केंद्र हैं, वहीँ लखनऊ में 1 हॉलमार्क केंद्र है। यह केंद्र प्रत्येक आभूषण के लिए विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identification Number) प्रदान करते हैं ताकि यदि कोई इसे बेचना चाहता है तो सोने की शुद्धता का पता लगाया जा सके। जिन शहरों में हॉलमार्क केंद्र नही है वहां फिलहाल बिना हॉलमार्क के भी आभूषण की बिक्री की जा सकेगी।

जानें कैसे करे शुद्ध सोने की पहचान

सोना कितना शुद्ध है, कितने कैरेट का है यह सारी जानकारी हॉलमार्क सोने की शुद्धता का पैमाना होता है। 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है। ज्यादातार सोना 22 कैरेट में बिकता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट का इस्तेमाल भी करते हैं। कैरेट 24 से ज्यादा नहीं होता, और जितना ज्यादा कैरेट होगा, सोना उतना ही शुद्ध कहलाता है।

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