छावनी इलाके में एमबी क्लब से लालकुर्ती के बीच 3.7 किलोमीटर लंबे लखनऊ-वाराणसी मार्ग के चौड़ीकरण को सेना ने मंजूरी दे दी है। इसे 4 लेन में डिवाइडर के साथ बनाया जाएगा। यहां स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी। पूरे काम पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीडब्लूडी ने सेना की मदद से प्रोजेक्ट को खास बनाने की तैयारी की है। विभाग यहां करीब 250 पेड़ो को दूसरी जगह शिफ्ट (tree translocation) करेगा। इसमें 100 वर्ष से भी पुराने पेड़ शामिल है। इन पेड़ों को स्थानांतरित कराने के लिए सेना ने दो जमीन देने पर भी सहमति दे दी है।


पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता मनीष वर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट बनाकर शासन से बजट मांगा गया है। व्यय वित्त समिति से इसकी स्वीकृति मिलते ही काम शुरु करा दिया जाएगा। विभाग की योजना है कि यहां किसी भी पुराने पेड़ को काटा ना जाए और इन्हे नई जगह पर लगाया जाए। सेना की सहमति के बाद उन्हें स्थानांतरित करने के लिए दिलकुशा पार्क और तेलीबाग में मेस की जमीन चिन्हित हुई है।

छावनी के 85 प्रतिशत पेड़ो को बचाया जा सकता है


प्रोजेक्ट देख रहीं पीडब्लूडी की सहायक अभियंता कंचन सिंह ने बताया कि हैदराबाद की निजी एजेंसी से सुर्वे कराया गया है। एजेंसी ने ट्रांसलोकेट करने के लिए करीब 250 पेड़ चिन्हित किए है। इनमें से 180 पेड़ 70-80 साल पुराने है। कंचन सिंह का कहना है कि कुल मौजूद पेड़ो में से करीब 85 प्रतिशत को हम बचा सकतें हैं। बचे 15 फीसदी पेड़ ऐसे है जिनकी या तो उम्र पूरी हो चुकी है, या फिर वे एक जड़ वाले पेड़ जैसे पीपल हैं। ये स्थानांतरित करने के लिए सही नहीं पाए गए हैं। एमबी क्लब से लालकुर्ती के बीच सबसे पुराना आर्मी मेडिकल कॉर्प्स के पास नीम का पेड़ है। इसकी उम्र 100 साल से अधिक मानी जा रही है। वहीं बरगद के दो पेड़ो की उम्र 80 साल से अधिक आंकी गई है। कंचन सिंह का कहना है कि यह कवायद केवल पेड़ो को बचाने भर तक सिमित नहीं है। हम इन पेड़ो से जुड़े जीवों के प्राकृतिक वास (Habitat) को भी बचाएंगे। एक पेड़ जहां हमें ऑक्सीजन देता है तो वह सैकड़ों चिड़ियों का घर भी होता है। इसके साथ ही पेड़ वायु प्रदुषण को भी कम करते हैं।

सिविल वर्क पर खर्च होंगे 20 करोड़ रुपये


पीडब्लूडी के अधिकारीयों का कहना है कि 28 करोड़ के प्रोजेक्ट में 20 करोड़ तो सिविल वर्क पर ही खर्च होंगे। पेड़ो को स्थानांतरित करने पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 6 करोड़ रुपये अन्य चीजों को शिफ्ट करने पर खर्च आएगा। गौरतलब है की पीडब्लूडी कई साल से इस सड़क को चौड़ा करने के प्रयास में था।