लखनऊ को हरा-भरा, शुद्ध ऑक्सीजन और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर की हवा को ताजा और शुद्ध करने के लिए नगर निगम 25 करोड़ रुपये खर्च कर 900 पार्कों में पेड़ पौधे लगाएगा जिससे हरियाली बढ़े। एक पार्क ऐसा भी तैयार किया जाएगा जहां अधिकतम ऑक्सीजन देने वाले पौधे ही लगाए जाएंगे। इसके साथ शहर में वायु प्रदुषण को कम करने के लिए 10 एंटी स्मॉग गन खरीदी जाएंगी।


यह सभी फैसले महापौर की अध्यक्षता में हुई 15वें वित्त आयोग की पहली बैठक में लिए गए। इस दौरान जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी बैठक में मौजूद रहे और बनाए गए प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बार की 15वें वित्त धनराशि सिर्फ वायु प्रदूषण को कम करने व कूड़ा प्रबंधन पर ही खर्च होगी। कोरोना काल में हुई आक्सीजन किल्लत को देखते हुए शहर में स्थित पार्कों को विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा वसंत कुंज योजना में बनाए जाने वाले शहरी वन में 50 हजार पौधे लगाए जाएंगे। लखनऊ शहर के छोटे-छोटे पार्कों में 25000 पौधे लगाए जाएंगे, बड़े पार्कों में भी 25000 पौधे लगाए जाएंगे। पूरे शहर में कुल 1 लाख पौधे शहर की हरयाली और पर्यावरण को बेहतर बनाये रखने के लिए लगाए जाएंगे।

हरित शवदाहगृह भी लगाए जाएंगे


शमशान घाटों में लकड़ी की खपत को कम करने और प्रदूषण से शहर को बचाने के लिए हरित शवदाहगृह और इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। आलमबाग, पिपराघाट, जानकीपुरम, वृन्दावन योजना स्थित शमशान घाटों में नए हरित शवदाहगृह लगाए जाएंगे।

वायु प्रदूषण कम करने और एयर क्वालिटी इंडेक्स सुधारने के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए


शहर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए औधोगिक क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और सड़क पर चल रहे वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों के किनारे और डिवाडर पर ग्रीन बफर बनाया जाएगा। इसके साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स को सुधारने के लिए एयर क्वालिटी स्टेशन का निर्माण होगा, इसके लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन स्टेशनों वायु गुणवत्ता सुधार एवं नियंत्रण के लिए मानीटरिंग की जाएगी। हवा में बढ़ रहे धूल सहित अन्य छोटे कणों से निपटने के लिए 10 अत्याधुनिक एण्टी स्मॉग गन को खरीदने की मंजूरी प्रदान की गई है। इससे शहर की सड़कों पर हवा में छिड़काव कर प्रदूषण के स्तर को खत्म किया जाएगा।

मलबे से बनाई जाएंगी टाइल्स


शहर में हो रहे निर्माण कार्यो से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए टीडीपी का एक सीऐंडडी प्लांट लगाया जाएगा, मलबा सीधे जोन स्तर के डिपो पर जाएगा और उससे टाइल्स बनाई जाएगी। निर्माण स्थलों पर प्रदूषण को रोकने व आवागमन को व्यवस्थित बनाये के लिये 50 मूविंग व्यू कटर खरीदा जाएगा।