ज़रूरी बातें

लखनऊ में जन्मे ग्रामीण इन्नोवेटर डॉ अनिक के राजवंशी को पद्म श्री पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है।
उन्हें ग्रामीण क्षेत्र के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए यह पुरस्कार मिला है।
उनके मुताबिक़ उच्च तकनीक के साथ आध्यात्मिकता “भारत के विकास का मंत्र होना चाहिए।
वह महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटन में निंबकर कृषि अनुसंधान संस्थान (NARI) के प्रमुख हैं।

पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा लखनऊ शहर में खुशी की लहर लेकर आयी है क्यूंकि लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े, ग्रामीण इन्नोवेटर और आइडियोलॉजिस्ट, डॉ अनिक के राजवंशी को ग्रामीण क्षेत्र के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए पद्म श्री पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है। एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा, वह ग्रामीण भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए 2001 में प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित भी किये जा चुके हैं।

वह व्यक्ति जिसने ग्रामीण भारत के रूप को बदल दिया

अपने समय से हमेशा आगे रहने वाले डॉ. अनिल राजवंशी ने 1990 के दशक में ई-रिक्शा और इथेनॉल को खाना पकाने के ईंधन की अवधारणा को इजात किया था। वर्तमान में, वह महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटन में निंबकर कृषि अनुसंधान संस्थान (NARI) के प्रमुख हैं। उनका मानना ​​है कि उच्च तकनीक के साथ आध्यात्मिकता “भारत के विकास का मंत्र होना चाहिए और वह जो उपदेश देते हैं उनका स्वयं पालन भी करते हैं।”

आईआईटी कानपुर के निदेशक डॉ. अभय करंदीकर ने बधाई दी, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि निंबकर कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अनिल राजवंशी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार द्वारा घोषित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है” .

आईआईटी कानपुर से स्नातक और परास्नातक पूरा करने के बाद, डॉ अनिल राजवंशी 1979 में फ्लोरिडा विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के लिए फ्लोरिडा, अमेरिका चले गए, और बाद में वहां ढाई साल तक पढ़ाया। ग्रामीण भारत के विकास और कल्याण के लिए अपने प्रशिक्षण को लागू करने के उद्देश्य से डॉ. अनिल ने 1981 में भारत वापसी की। और बाद में, NARI में ऊर्जा और सतत विकास कार्य की स्थापना की।

ग्रामीण भारत के विकास के क्षेत्र में डॉ. अनिल के दशकों के कार्य और प्रयासों में कृषि अवशेषों से बिजली उत्पादन; रिन्यूएबल एनर्जी से खाना पकाने और लाइट की व्यवस्था; इलेक्ट्रिक साइकिल रिक्शा; कृषि से नवीकरणीय ईंधन उत्पादन; रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग के माध्यम से जल शोधन और अपशिष्ट उपचार शामिल हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *