मुख्य बिंदु

जल्द ही केजीएमयू में मरीजों और तीमारदारों को मिलेगी कैशलेस भुगतान करने की सुविधा।
लोगों को कार्ड और बार कोड स्कैनर से कैशलेस भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
केजीएमयू पहले चरण में ट्रामा सेंटर को कैशलेस सुविधा से लैस करने जा रहा है।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से केजीएमयू के बाकी ओपीडी और लारी कार्डियोलॉजी कैशलेस की सुविधा शुरू की जायेगी।
जानकारी के मुताबिक अगले 10 दिनों के अंदर ट्रामा सेंटर में कैशलेस भुगतान की सुविधा शुरू हो जायेगी।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मरीजों और तीमारदारों को सहूलियत प्रदान करने के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू होने जा रही है। अभी तक केजीएमयू के सभी काउंटरों पर सिर्फ कैश से ही भुगतान होता है, जिससे केजीएमयू जाने वाले मरीजों को कैश का इंतजाम करने के लिए घंटो बैंक और एटीएम की लाइन पर जूझना पड़ता है। लोगों की इस समस्या को देखते हुए पूरे संस्थान में तीन चरणों में कैशलेस करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में यह व्यवस्था पीजीआई की तर्ज पर ट्रामा सेंटर में लागू होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से केजीएमयू के बाकी ओपीडी और लारी कार्डियोलॉजी कैशलेस की सुविधा शुरू की जायेगी।

कार्ड से लेकर बारकोड स्कैन से पेमेंट की मिलेगी सुविधा

केजीएमयू में कैशलेस भुगतान की सुविधा पहले चरण में ट्रामा सेंटर में मिलेगी। इसके तहत मरीज या तीमारदार एकमुश्त रकम जमा कर सकते हैं। भुगतान होने के बाद उन्हें एक कार्ड दे दिया जाएगा। एक साथ जमा किये गए भुगतान से ही मरीज के इलाज में होने वाला खर्च अपने आप कट जाएगा। इसके साथ ही अगर इलाज के दौरान पैसा कम पड़ता है तो टॉपअप कराने की भी सुविधा मिलेगी। अंत में अगर इलाज के बाद कार्ड में पैसा बच जाता है तो उसे वापस कर दिया जाएगा। इस सुविधा से लोगों को बार बार कैश के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ सुधीर सिंह ने बताया कि कैशलेस व्यवस्था लागू होने पर हर काउंटर पर भुगतान नहीं करना होगा। मरीज की आईडी पर एक ही बार में भुगतान हो जाएगा। इसके बाद इसी से पैसे कटते रहेंगे। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

ट्रामा सेंटर में रोजाना आते हैं 200 से अधिक मरीज

केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में रोजाना 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। तकरीबन 70 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाता है। ऐसे में तीमारदारों को इलाज के लिए हर जगह कैश की जरूरत पड़ती है, क्यूंकि कार्ड या डिजिटल पेमेंट की सुविधा अभी केजीएमयू में नहीं है। इस कारण तीमारदारों और मरीजों को अधिक समय तक लाइन में लगना पड़ता है जिससे काउंटरों पर भीड़ की समस्या तो होती ही है साथ ही मरीजों के इलाज में भी देरी होती है। इसी के चलते पहले फेज के तहत ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ मिलेगा। वहीँ दूसरे फेज के तहत लारी कार्डियोलॉजी और तीसरे फेज में ओपीडी में यह सुविधा शुरू की जायेगी।

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