मुख्य बिंदु

लखनऊ में पिछले 7 महीने में पहली बार बीते रविवार को कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक 80 मामले मिले।
बीते रविवार को मिले संक्रिमतों में 4 बच्चे समेत 50 पुरुष और 29 महिलाएं है।
शहर में मिले संक्रमितों में से सर्वाधिक मामले चिनहट इलाके के हैं, यहां संक्रमण के 23 मामले सामने आए हैं।

लखनऊ में बीते रविवार को कोरोना संक्रमण के 80 नए मामले मिले। इनमें 4 बच्चे, 29 महिलाएं और मेदांता अस्पताल के 11 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही केजीएमयू में हड्डी रोग विभाग के 4 रेजिडेंट डॉक्टर भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इन सभी ने सर्दी होने पर जांच करवाई थी। संपर्क में आए 22 लोगों की जांच करवाई गई है और सभी होम आइसोलेशन में हैं।

केजीएमयू में बीते रविवार को 5 नए मरीज भर्ती हुए हैं। सीएमओ कार्यालय के प्रवक्ता योगेश रघुवंशी ने बताया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट इलाके में सबसे अधिक 23 मरीज मिले हैं। यह मरीज चिनहट, गोमतीनगर और आसपास के इलाकों के हैं। इसके अलावा इंदिरा नगर इलाके में 5 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। साथ ही विभिन्न इलाकों में बाहर से आने वाले लोग संक्रमित मिले हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 19 मार्च 2021 को कोरोना संक्रमितों की संख्या 90 पहुंची थी। इसके बाद 31 मई को 84 संक्रमित मिले थे। करीब 7 महीने बाद एक बार फिर से कोरोना के मरीजों की संख्या एक दिन में 80 पर पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग ​में हड़कंप मच गया है।

दिसंबर के महीने से कोरोना के नए मामलों में आ रही तेजी

राजधानी में कोरोना संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक हफ्ते में इस इसमें छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लखऊ में एक हफ्ते पहले तक संक्रमण दर .10 फीसदी थी, जबकि अब यह .65 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं पूरे प्रदेश के मुकाबले लखनऊ में संक्रमण की दर करीब तीन गुना अधिक है। प्रदेश में जहां संक्रमण दर .21 फीसदी है तो यहां पर दर .65 फीसदी पहुंच चुकी है। लखनऊ में दिसंबर की शुरुआत से ही कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे थे।

कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते जीनोम सिक्वेंसिंग में हुई तेजी

लखनऊ में संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) में भी तेजी आ रही है। जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए करीब 100 सैंपल एक साथ लगाए जाते हैं। संक्रमण के मामले कम आने पर 100 का आंकड़ा पूरा होने का इंतजार किया जाता है और इसमें कई दिन लग जाते हैं। इसके बाद उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) शुरू की जाती हैं। इसके बाद करीब तीन से चार दिन में इसका रिजल्ट आता है। अब 100 का आंकड़ा दी दिन में ही पूरा हो रहा है, इसलिए जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) का रिजल्ट भी जल्द आ जाएगा।

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