कोरोना मरीज़ों के बेहतर इलाज के लिए देश में मेडिकल संसाधनों को बढ़ाते हुए रोश इंडिया ने कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी कॉकटेल (Casirivimab and Imdevimab) का पहला सेट भारत में जारी कर दिया है। इस दवा का ना रोश एंटीबाडी कॉकटेल है और यह सिप्ला कंपनी के द्वारा पूरे भारत में उपलब्ध कराई जायेगी। सोमवार को एक घोसना के बाद जारी की गयी इस दवा का दूसरा बैच जून के मध्य में मार्किट में आएगा।

यह दवा हल्के से माध्यम बीमारी में दी जायेगी



दोनों बैचों में कुल 1 लाख खुराकों के मार्किट में आने के बाद ये संभावना है की ये दवा करीब 2 लाख मरीज़ों को कोरोना से लड़ने में मदद करेगी। इस एंटीबॉडी कॉकटेल के एक पैक की कीमत 1,19,500 रुपये होगी। जिसका मतलब है कि प्रत्येक डोज 59,750 रुपये की मिलेगी। पुनः संयोजक डीएनए तकनीक की मदद से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को पैदा किया जाता है। कंपनी ने यूसेज के निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि ये हल्के से मध्यम बीमारी वाले लोगों को दी जायेगी।

दवा को केवल बड़ों को और 12 साल से अधिक आयु वाले बच्चों को ही दिया जाएगा जिनका वज़न कम से कम 40 किलो है और जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं हैं। अध्ययनों के माध्यम से यह अनुमान लगाया गया है कि यह कॉकटेल दवा रोग के गंभीर चरण तक बढ़ने की संभावनाओं को कम कर देता है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम हो जाती है। यह भी कहा गया है कि इससे मृत्यु दर 70% कम हो जाती है और लक्षणों की अवधि भी चार दिन कम हो जाती है।

दवा के लिए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) प्राप्त किया जाएगा



रोश फार्मा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ वी सिम्पसन इमैनुएल ने कहा, "रोश कोरोना महामारी से लड़ने के लिए,दूसरी लहर के घातक प्रभावों को कम करने और जीवन बचाने के लिए चल रहे प्रयासों का समर्थन करने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है। हमे उम्मीद हैं कि एंटीबॉडी कॉकटेल की उपलब्धता (Casirivimab और Imdevimab) भारत में अस्पताल में भर्ती को कम करने, और मेडिकल ढांचे के बोझ को कम करने और हाई रिस्क वाले रोगियों की स्थिति खराब होने से पहले उनके इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद कर सकती हैं।"

सिप्ला के ग्लोबल सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर उमंग वोहरा ने कहा की कंपनी दवा के कुशल वितरण की पूरी कोशिश करेगी। यह दवा देशभर में फार्मा कंपनी सिप्ला के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से उपलब्ध कराया जाएगा। भारत में इसके इस्तेमाल के लिए मई में इमरजेंसी अप्रूवल दिया गया था। जिसकी मंजूरी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने दी है। इससे पहले इस दवा को अमेरिका और यूरोप में भी इमरजेंसी अप्रूवल मिल चुका है।

प्रगतिशील प्रतिक्रियाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी आवश्यक है



इस दवा को लेने के लिए मेडिकल पर्चा ज़रूरी है और यह दवा केवल मेडिकल विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही दी जायेगी और दवा से होने वाले रिएक्शन को नियंत्रित करने के लिए भी अन्य दवाओं का होना ज़रूरी है। इंट्रावेनस प्रक्रिया में 20 से 30 मिनट लगते हैं। चमड़े के नीचे के मार्ग के तहत, पेट और जांघों पर चार अलग-अलग स्थानों पर 2.5 मिली (कैसिरिविमैब और इम्देवीमैब के 2 प्रत्येक) की चार सीरिंज एक के बाद एक दी जानी चाहिए। इंट्राफ्यूजन के दौरान और प्रक्रिया के 4 घंटे बाद रोगी की स्थिति पर सख्त निगरानी रखना आवश्यक है।

एंटीबॉडी कॉकटेल (Casirivimab और Imdevimab) की प्रत्येक इकाई में Casirivimab की एक खुराक और Imdevimab की एक खुराक कुल 2400 mg एंटीबॉडी कॉकटेल होती है। कहा गया है कि प्रत्येक पैकेट दो मरीजों की मदद कर सकता है। कंपनी के स्टोरेज दिशानिर्देशों के अनुसार, शीशियों को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान के साथ रेगुलेटेड सेटिंग्स में रखा जाना है।