मुख्य बिंदु

लखनऊ पीजीआई में आम मरीजों के लिए शुरू होगी एयर एंबुलेंस की सुविधा।
एयर एंबुलेंस के लिए संस्थान में हैलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
संस्थान में निर्माणाधीन करीब 558 बेड वाले इमरजेंसी मेडिसिन और आधुनिक गुर्दा प्रत्यारोपण केन्द्र के पास हैलीपैड बनाया जाएगा।
एयर एम्बुलेंस का संचालन शुरू होने से प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों में ब्रेन डेड और ज़रूरतमंद लोगों के अंगों के प्रत्यारोपण को गति मिलेगी।

लखनऊ में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाते हुए पीजीआई में एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को जल्द से जल्द साकार करने के लिए संस्थान प्रशासन ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार,  2022 की शुरूआत में संस्थान में हैलीपैड का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।

अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया होगी आसान

ब्रेन डेड और जीवित लोगों के अंगों को एक निश्चित समय में प्रत्यारोपित किया जाना होता है, एयर एंबुलेंस से इस प्रक्रिया में तेज़ी आएगी। जानकारी के अनुसार, संस्थान में निर्माणाधीन करीब 558 बेड वाले इमरजेंसी मेडिसिन और आधुनिक गुर्दा प्रत्यारोपण केन्द्र के पास हैलीपैड बनाया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, पीजीआई निदेशक डॉ. राधाकृष्ण धीमन बताते हैं कि इसका मुख्य मकसद अंगों के प्रत्यारोपण को गति देना है। एयर एम्बुलेंस का संचालन शुरू होने से प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों में ब्रेन डेड और ज़रूरतमंद लोगों के अंगों के प्रत्यारोपण को गति मिलेगी। इस सुविधा के आने से समय रहते लिवर, गुर्दा, बोन मैरो, हार्ट वाल्व, त्वचा व कार्निया जैसे अंगों को जरूरतमंद लोगों में प्रत्यारोपित करके जीवनदान दिया जा सके।

पीजीआई को राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) की जिम्मेदारी सौंपी गई

प्रदेश में अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण करने वाले सभी सरकारी व निजी अस्पताल पीजीआई के अधीन काम करेंगे, इस बात की जानकारी पीजीआई के अस्पताल प्रशासन के प्रमुख डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने दी। इन अस्पतालों में केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बीएचयू समेत प्रदेश भर के अंग व ऊतक प्रत्यारोपण करने वाले 40 से अधिक मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल शामिल हैं। पीजीआई को राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) की जिम्मेदारी सौंपी गई है और इसका प्रभारी डॉ. हर्षवर्धन को बनाया गया है। शासन द्वारा इसे प्रदेश भर में लागू करने के लिए गाइड लाइन भी तैयार की गई है।

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