ज़रूरी बातें !

भातखण्डे संगीत संस्थान को प्राप्त हुआ राज्य विश्विद्यालय का दर्ज़ा।
प्रदेश कैबिनेट ने संस्कृति विभाग के प्रस्ताव को दी मंज़ूरी।
इस विश्वद्यालय का संचालन संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा।
विश्वद्यालय का पहला कुलपति जल्द ही राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा नियुक्त।

लोगों के बीच कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वद्यालय को राज्य संस्कृति विश्वद्यालय बनाने का फैसला लिया है। बीते बुधवार को प्रदेश कैबिनेट ने संस्कृति विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करी। इसी के साथ ही भातखण्डे संगीत संस्थान को अब राज्य विश्विद्यालय का दर्ज़ा प्राप्त हो गया है। प्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय से पूर्व से सम्बद्ध संगीत, कला और संस्कृति सम्बन्धी कॉलेज भी अब इस राज्य विश्वविद्याला से सम्बद्ध हो जायेंगे। इस विश्वद्यालय का संचालन संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा।

संस्कृति और कला के क्षेत्र में शोध को मिलेगा बढ़ावा

राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय में संस्कृति के विभिन्न क्षेत्र जैसे अभिलेख, पुरातत्व, ललित कला, संग्रहालय आदि में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के साथ शोध को भी बढ़ावा मिल सकेगा। अभी तक भातखण्डे में सिर्फ ड्रामा में ही डिप्लोमा प्राप्त होता था लेकिन अब इस राज्य संस्कृति विश्वद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्री सहित पीएचडी की उपाधि भी दी जाएगी। संस्कृति मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा की, “राज्य में पहला संस्कृति विश्वविद्यालय बनने से गौरवशाली संस्कृति का संरक्षण व संवर्धन भी होगा। ”

इसी के साथ ही राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय में लोक कला, शास्त्रीय संगीत, ग्रामीण कला, संस्कृति और लोक नृत्यों पर अब शोध और अध्यन किया जा सकेगा। राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय का पहला कुलपति जल्द ही राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा।

 

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *