आईआईटी कानपुर के स्टार्ट-अप इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर (एसआईआईसी) द्वारा समर्थित कल्ट्रे (Cultre), 14 नवंबर को अपना दूसरा हेरिटेज ओलंपियाड लॉन्च करने के लिए तैयार है। इस राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता का उद्देश्य पारंपरिक पाठ्यक्रम में शिक्षा के साथ विरासत को जोड़कर स्कूल स्तर पर इसे छात्रों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। विशेष रूप से, हेरिटेज ओलंपियाड संस्कृति और विरासत पर भारत का पहला ऑनलाइन ओलंपियाड है जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध और बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत के प्रति युवाओं को संवेदनशील बनाना है।

प्रतिष्ठित संगठनों द्वारा कल्ट्रे की इस पहल का समर्थन किया जा रहा है

यह हेरिटेज ओलंपियाड वर्ष में दो बार होता है,इसका पहला अध्याय,विश्व विरासत दिवस पर हुआ था और फिर दूसरा अध्याय बाल दिवस पर 18 अप्रैल, 2021 को लॉन्च किया गया था। पिछले साल, इस आयोजन को 9 से 65 वर्ष तक आयु वर्ग के लोगों में 2,500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे। इसके अलावा, कल्ट्रे को प्रतिष्ठित संगठनों से भी भारी समर्थन मिला है। यूनेस्को, अमर चित्र कथा, राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, मेहरानगढ़ संग्रहालय ट्रस्ट, रॉयल ओपेरा हाउस, मुंबई और कई अन्य उल्लेखनीय संगठनों ने इस पहल के लिए कल्टर के साथ भागीदारी की है।

हेरिटेज ओलंपियाड के उद्देश्य

इस ओलंपियाड का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय संदर्भ के अनुसार विरासत शिक्षा के आसपास की अवधारणात्मक परिभाषाओं को तैयार करना है। ओलंपियाड का मॉड्यूल पाठ्यक्रम के अनुरूप है जिसका पालन दुनिया भर के प्रमुख बोर्डों द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि भारतीय विरासत के स्वस्थ परिप्रेक्ष्य का विकास हो।

एक प्रेस रिलीज़ में आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर, अभय करंदीकर ने कहा, “एसआईआईसी का भारतीय विरासत को बनाए रखने वाली प्रौद्योगिकी और ज्ञान गहन इनोवेशन को बनाने, समर्थन करने और बढ़ावा देने का इतिहास रहा है। कल्ट्रे की विरासत ओलंपियाड विषय के आसपास ज्ञान प्रदान करने से परे है – यह लोगों को अपने देश और इसके विविध इतिहास के बारे में जानने के लिए भी प्रेरित करता है।”

कथित तौर पर, इस ओलंपियाड का दूसरा संस्करण विरासत के तीन मुख्य पहलुओं- टैंजिबल, इंटैन्जिबल और प्राकृतिक पर ध्यान केंद्रित करते हुए युवा पीढ़ी को भारतीय विरासत की प्रारंभिक समझ से गुजरने पर केंद्रित होगा। इसके अलावा, यह इस बात पर भी जोर देगा कि परंपराएं कैसे बनाई जाती हैं और आने वाली पीढ़ियों को सौंपी जाती हैं। अधिक जानने के लिए आधिकारिक वेबसाइट  पर लॉग ऑन करें।

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