जरूरी बातें

कानपुर नगर निगम ने ‘बड़ा चौराहा’ पर भूमिगत कूड़ाघर स्थापित किया है।
सड़कों पर बिखरे हुए कचरे और उससे आने वाली दुर्गंद से राहत मिल सकेगी।
भूमिगत कूड़ाघर में एक बार में 12 से 15 मीट्रिक टन तक कचरा एकत्रित किया जा सकता है।
कानपुर में 100 से अधिक भूमिगत कूड़ाघर का निर्माण किया जाएगा।
80 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 (Swachh Survekshan 2022) में कानपुर स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए शहर में कचरे के प्रबंधन के लिए एक नयी पहल की शुरुआत की गयी है। इसके तहत कानपुर नगर निगम ने ‘बड़ा चौराहा’ पर भूमिगत कूड़ाघर स्थापित किया है। इस भूमिगत कूड़ाघर से कचरे से होने वाली अनेकों परेशानियों से निजात मिल सकेगी और सड़कों पर बिखरे हुए कचरे और उससे आने वाली दुर्गंद से राहत मिल सकेगी।

साथ ही जगह-जगह पर बने कचरा घरों से भी छुटकारा मिल सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार, कचरा प्रबंधन करने के लिए इस अभियान के तहत कानपुर में 100 से अधिक भूमिगत कूड़ाघर का निर्माण किया जाएगा। साथ ही अभी तक छह जगहों पर भूमिगत कूड़ाघर को बनाने की तैयारी चल रही है।

आसानी से उपयोग किये जा सकेंगे भूमिगत कूड़ाघर

कानपुर स्मार्ट सिटी के बड़े चौराहे पर लगाए गए भूमिगत कूड़ाघर में एक बार में 12 से 15 मीट्रिक टन तक कचरा एकत्रित किया जा सकता है। कूड़ाघर में एकत्रित हुए कचरे को सीधे भौसिंग पनकी जो की कचरे के निपटान के लिए बनाया गया मैदान है, वहां तक पहुंचाया जा सकेगा। यह नया भूमिगत कूड़ाघर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। इसे उपयोग करने के लिए लोग कचरे को एक पाउच में एकत्रित करके फिर भूमिगत डम्प्स्ट में डाल सकते है।

इसके बाद नगर पालिका की टीम समय-समय पर आकर कचरे को एकत्र करेगी और कूड़ाघर को साफ करेगी। इस कूड़ाघर के उपयोग से जानवरों द्वारा कचरे को खाये जाने और सड़कों पर इधर उधर बिखेरे जाने से राहत मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त जल्द ही कानपुर में 100 भूमिगत कूड़ाघरों को स्थापित करने के लिए इस अभियान को विस्तार दिया जाएगा। ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय सांखवार ने बताया कि फिलहाल स्वरूप नगर, जाजमऊ, पंचक्की चौराहा, बाकरगंज, गोविंद नगर और कल्याणपुर में तैयारियां चल रही हैं।

हर घर से कचरा एकत्रित करने के लिए शुरू किया गया अभियान

शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कानपुर नगर निगम ने भी शहर में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में लगभग 110 वार्ड हैं जिनमें से लगभग 80 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने के लिए अभियान चल रहा है। इन वार्डों में सफाई मार्शल यह सुनिश्चित करेंगे कि जनता सूखे कचरे और गीले कचरे को अलग-अलग करके ही डालें।

बता दें की यह सारे अभियान आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में कानपुर की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए शुरू किये गए हैं। कथित तौर पर, कानपुर ने 2021 के सर्वेक्षण में राष्ट्रव्यापी सूचकांक में 21 वां स्थान और उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था।

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