भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), गणित (Mathematics) और सूचना विज्ञान (Informatics) जैसे विषयों में वैश्विक मान्यता प्राप्त ओलिंपियाड को क्वालिफाई करने वाले छात्र अब  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर में सीधे प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रतिष्ठित कॉलेज में सीट हासिल करने का यह वैकल्पिक माध्यम राष्ट्र में वैश्विक स्तर की परीक्षाओं का महत्व को बढ़ावा मिलेगा।

“ओलंपियाड के लिए क्वालीफाई करना क्षमताओं का पर्याप्त प्रमाण है”: नितिन सक्सेना, यूजीएआरसी अध्यक्ष

IIT कानपुर में अंडरग्रेजुएट एकेडमिक प्रोग्राम रिव्यू कमेटी (UGARC) के अध्यक्ष नितिन सक्सेना के अनुसार, लगभग 6 छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि ये उम्मीदवार पहले से ही सरकार द्वारा आयोजित ओलंपियाड के माध्यम से कठिन तैयारी प्रक्रिया से गुजरते हैं। जैसे, इन परीक्षाओं के लिए अर्हता प्राप्त करना उनकी क्षमताओं का पर्याप्त प्रमाण है और उन्हें अनिवार्य IIT-JEE परीक्षा के माध्यम से अलग से परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह ध्यान दिया गया है कि ऐसे कई छात्र अंततः विदेश में अध्ययन करने जाते हैं और इस प्रकार, नया ढांचा उनकी असाधारण प्रतिभा, संस्कृति को बनाए रखने और भारत में इसे चमकाने का एक साधन है। जबकि ये छात्र संस्थान में सीधी सीट के लिए पात्र हैं, उनके प्रवेश के संबंध में अंतिम निर्णय आईआईटी के पास रहेगा। 

सिर्फ ओलिंपियाड क्वालिफाई कर लेना ही एडमिशन की गारंटी नहीं होगी

ऐसे ओलिंपियाड में क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स आईआईटी कानपुर में अपने स्पेशलाइज्ड सब्जेक्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उनके आवेदन को स्वीकार करने या रिजेक्ट करने का फ्रेमवर्क संबंधित विषय के विभाग पर निर्भर करेगा। विभाग चाहे तो स्क्रीनिंग टेस्ट भी ले सकता है। इस टेस्ट की निश्चित प्रक्रिया अभी निर्धारित नहीं की गई है।

विभाग के फैसले के बाद अभ्यर्थी का आवेदन संस्थान के सीनेट के पास भेजा जाएगा जो इसपर अंतिम निर्णय लेगा। नितिन सक्सेना ने कहा कि ‘सिर्फ ओलिंपियाड क्वालिफाई कर लेना ही एडमिशन की गारंटी नहीं होगी। इस रूट से एडमिशन के लिए अन्य मानक भी निर्धारित किये जाएंगे।’

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