मुख्य बिंदु

छात्र उद्यमिता नीति (student entrepreneurship policy) के जरिये छात्रों के वित्तीय विकास और इनोवेशन को प्रोत्साहित किया जायेगा।
सभी यूजी और पीजी छात्रों को परिसर में अध्ययन के साथ-साथ अपने स्टार्ट-अप को साथ में जारी रखने की मिलेगी अनुमति।
वो छात्र जो शैक्षणिक पाठ्यक्रम का एक हिस्सा होंगे वो इस कार्यक्रम का भी हिस्सा होंगे।
छात्र उठा सकेंगे अकादमिक क्रेडिट का लाभ।
युवा उद्यमियों को अपनी कंपनियों को पंजीकृत करने और पेटेंट कराने की सुविधा भी दी जाएगी।

आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) अपने छात्रों के वित्तीय विकास को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक छात्र उद्यमिता नीति (Students Entrepreneurship Policy) के सहारे छात्रों के बीच इनोवेशन को प्रोत्साहित करेगा। कथित तौर पर, सभी यूजी और पीजी छात्रों को परिसर में अध्ययन के साथ-साथ अपने स्टार्ट-अप को साथ में जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।

इसके अलावा, यदि आवश्यक हुआ तो संस्थान व्यवसायों का भी समर्थन करेगा। अपने इनोवेशन के लिए काम करने वाले सभी छात्रों को इसके लिए अकादमिक क्रेडिट (Course credit) प्राप्त होगा और वे सेमेस्टर की छुट्टियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही सुचारू कामकाज के लिए परिसर की सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

आईआईटी कानपुर एनइपी और एनआईएसपी के साथ मिलकर करेगा स्टार्टअप को प्रोत्साहित

अपने छात्रों के प्रोफेशनल और मानसिक विकास को ध्यान में रखकर उनके व्यावसायिक विचारों को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के बोर्ड ने इस नीति की शुरुआत की है। एनइपी (NEP) और एनआईएसपी (NISP) के साथ मिलकर आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) शिक्षा के एक आधुनिक दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान की अकादमिक सीनेट (Academic Senate) द्वारा इस नीति को स्वीकृत किया गया है और नवाचार और उद्यमिता क्रेडिट (Innovation and Entrepreneurship Credit) का स्वागत किया गया है। इसके तहत, छात्र अपनी शैक्षणिक डिग्री हासिल करने के साथ-साथ अपने उद्यमिता कौशल (Entrepreneurial skills) पर ध्यान दे सकेंगे।

छात्र उद्यमिता नीति में में शामिल हैं ये चीज़ें

रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति के हिसाब से वो छात्र जो शैक्षणिक पाठ्यक्रम का एक हिस्सा होंगे वो इस कार्यक्रम का भी हिस्सा होंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर तृतीय वर्ष के छात्र अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम की बेसिक अटेंडेंस पूरी करने के ठीक बाद अपने उद्यमशीलता (Entrepreneurship) के सपनों को पूरा करने के लिए अकादमिक क्रेडिट का लाभ उठा सकेंगे।


कथित तौर पर, छात्र इन-कैंपस और ऑफ-कैंपस सुविधाओं का उपयोग करने के साथ-साथ कुछ नया करने के प्रयास में सेमेस्टर की छुट्टियों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। युवा उद्यमियों को अपनी कंपनियों को पंजीकृत करने और पेटेंट कराने की सुविधा भी दी जाएगी और यदि आवश्यक हो तो वे उद्योग से सम्बंधित सलाह और वित्तीय सहायता के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। आईआईटी कानपुर द्वारा चरणबद्ध प्लेसमेंट योजनाओं के साथ पेटेंट और आईपी प्रबंधन (IP Management) भी प्रदान किया जाएगा।

100 से अधिक स्टार्टअप का इनक्यूबेटर है आईआईटी कानपुर

रिपोर्ट के अनुसार, IIT कानपुर एशियाई क्षेत्र के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है और इसमें 11 इनक्यूबेटर, पांच आधुनिक प्रोटोटाइप, उन्नत प्रयोगशालाएं और एक उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी पार्क शामिल हैं। संस्थान 100 से अधिक स्टार्टअप का सपोर्ट कर चूका है और इसने लगभग 50 स्टार्टअप और यूनिकॉर्न को विकसित करने में सफलतापूर्वक मदद की है। आईआईटी कानपुर का उद्देश्य उद्यमिता नीति (Entrepreneurial Policy) को तेज करने और लागू करने में प्रभावी भूमिका निभाना है, जिससे परिसर के छात्रों और उनके द्वारा किये गए शोधों को लाभ होगा।

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