कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आवश्यक मेडिकल संसाधनों की कमी के बीच कानपुर निवासियों को बहुत अधिक जद्दोजहद करनी पड़ी। इस कठिन समय के दौरान, कई लोगों और संगठनों ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे कदम बढ़ाया है और स्थिति को शांत करने में मदद कर रहे हैं। इन संगठनों में से एक है श्रमिक भारती, जो कानपुर स्थित एक परोपकारी संगठन है, जिसके कानपुर के ग्रामीण और शहरी लोगों के लिए किये जा रहे प्रयास उल्लेखनीय हैं।

ग्रामीण निवासियों की कर रहे मदद


महामारी के कारण लोगों के जीवन में आर्थिक रूप से कई बदलाव आये हैं, और श्रमिक भारती कानपूर के ग्रामीण लोगों को आवश्यक सामान प्रदान करके सहायता प्रदान कर रहा है। वे कानपुर के लोगों को ज़रूरतमंद परिवारों को सूखा राशन बांटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, और आंगनवाड़ी सेंटरों और आशा कार्यकर्ताओं को मास्क और सैनिटाइज़र बांटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के घातक परिणामों के चलते श्रमिक भारती संस्था ने अनेक प्रकार की सुविधाओं के दान से गरीब लोगों की भरपूर सहायता की है, और उनके लेटेस्ट फेसबुक पोस्ट के मुताबिक़ उन्होंने कानपुर देहात के 10 गाँवों के लोगों का टेम्परेचर और ऑक्सीजन लेवल मॉनिटर किया।

इसके अलावा उनकी सामुदायिक रेडियो पहल वक़्त की आवाज़ लगातार कोरोना सम्बन्धी प्रोटोकॉल और सामाजिक व्यवहार के बारे में श्रोताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम कर रही है। उनकी ऑफिशल वेबसाइट के मुताबिक़ वक़्त की आवाज़ के प्रसारण 15 किमी के दायरे में लगभग 300,000 की आबादी वाले 300 गाँवों तक पहुँचते हैं।

1986 से ज़रूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं


श्रमिक भारती ने 1986 में लोगों के लोकतांत्रिक संस्थानों को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने के मिशन के साथ काम करना शुरू किया, इसके साथ वे समाज के वंचित वर्ग - विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। यह 150 से अधिक समुदाय-आधारित वालंटियर्स की मदद से कानपुर नगर और कानपुर देहात के लगभग 125 बस्तियों और 11 ब्लॉकों में काम करता है।

कानपूर में अपनी यात्रा शुरू करने के बाद यह एनजीओ अब पंजाब में भी कार्यात्मक है। श्रमिक भारती ने कई लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है और यहां तक एक सेल्फ हेल्प ग्रुप की मेंबर की बेटी को आईएएस अधिकारी बनाने में अपना योगदान दिया।

Knock Knock

श्रमिक भारती प्राकृतिक संसाधन आधारित जीवन को मजबूत करने, स्वच्छता स्टैण्डर्ड में सुधार करने, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और विकलांग लोगों को सशक्त बनाने के साथ-साथ अन्य कई सामाजिक मुद्दों पर काम कर रही है। यदि आप भी इस संस्था के परोपकारी कार्यों में शामिल होना चाहते हैं तो आप यहां वालंटियर कर सकते हैं।