बिठूर में मैनावती मार्ग पर स्थित इस्कॉन मंदिर, कानपुर शहर की सीमाओं से केवल 4 किमी दूर है। मंदिर का निर्माण गंगा नदी के पास पंद्रह एकड़ के भूखंड पर किया गया है। अद्भुत वास्तुकला, भव्य मीनारें और एक व्यापक प्रांगण के साथ, यह आगंतुकों को मनोरम दृश्य प्रदान करता है।

पहले इस्कॉन मंदिर का निर्माण 1966 में न्यूयॉर्क में किया गया था


कानपुर के बिठुर में भगवान श्री कृष्ण की ऐतिहासिक इस्कॉन मंदिर है, जहां पर पर दर्शन के लिए देश विदेश से भक्त आते हैं। आपको बता दें कि पहले इस्कॉन मंदिर का निर्माण 1966 में न्यूयॉर्क शहर में किया गया था। इस मंदिर की स्थापना श्रीकृष्णकृपा श्रीमूर्ती श्री अभय चरणारविन्द भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने की थी। परम पूज्य गोपाल कृष्ण गोस्वामी और श्रीमन देवकीनंदन दास के मार्गदर्शन में, इस्कॉन कानपुर में कई कृष्ण भक्त और साधू आध्यात्म से जुड़ने के लिए यहां आते हैं। अन्य लोग भी यहां मन की शांति और मंदिर के दिव्य परिसर में कुछ समय व्यतीत करते हैं।

परिसर के भीतर, एक वैदिक आश्रम, भक्ति वेदांत युवा अकादमी, एक पुस्तकालय, भक्तों के लिए एक गेस्ट हाउस, एक सम्मेलन कक्ष, एक सामुदायिक हॉल और एक गिफ्ट शॉप है, जहां से आप स्मृति चिन्ह खरीद सकते हैं।

जन्माष्टमी और राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर-परिसर अत्यंत रमणीय हो जाता है


मंदिर द्वारा भक्तों के लिए विभिन्न भजन, कीर्तन और उत्सव आयोजित किए जाते हैं। चूंकि जन्माष्टमी और राधाष्टमी अगस्त और सितंबर के महीनों में पड़ती है, इसलिए भक्त इन महीनों में मंदिर जाना पसंद करते हैं। इस दौरान मंदिर में एक अलग उर्जा देखने को मिलती, जो भक्तों को आनंद से भर देती है। आपको 'हरे रामा हरे कृष्णा' की धुन में शांति और सुकून की अनुभूति होगी।

इस मंदिर में तीन त्योहारों का विशेष महत्व है- जगन्नाथ रथ यात्रा, जन्माष्टमी और दिवाली। इन अवसरों पर इस्कॉन मंदिर को बड़े खूबसूरत तरह से सजाया जाता है और इसकी भव्यता देखने योग्य होती है।

इस्कॉन मंदिर गौड़ीय-वैष्णव संप्रदाय का एक हिस्सा है, मानवशास्त्रीय रूप से, यह संस्कृत ग्रंथों- भगवद गीता और भागवत पुराण पर आधारित है, जिसे श्रीमद भागवतम के नाम से भी जाना जाता है। संस्कृति के साहित्य को बढ़ावा देने के लिए, विभिन्न त्योहारों, प्रदर्शन कलाओं, योग संगोष्ठियों और धार्मिक मंत्रोच्चार का भी आयोजन किया जाता है।

इस्कॉन मंदिर के सदस्य समाज सेवा में देते हैं अपना योगदान

कानपुर के इस्कॉन सदस्यों ने भक्ति योग के पथ पर चलते हुए, अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, पर्यावरण-गांवों, मुफ्त भोजन वितरण परियोजनाओं और अन्य संस्थानों के निर्माण में भी अपना योगदान दिया है। अगर आप भी अध्यात्म की इच्छा रखते हैं, या फिर मन की शांति चाहते हैं, कानपुर में आप इस जगह पर कुछ समय व्यतीत कर सकते हैं।

स्थान: मैनावती मार्ग, बिठूर, कानपुर

जाने का समय-

4:30 AM- 5:30 AM

7:30 AM- 1 PM

4 PM- 8:30 PM