आईआईटी कानपुर के SIIC (स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर) ने उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षण और रोजगार विभाग के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ असोसिअशन (MoU) पर साइन किए हैं। इस समझौते के अनुसार, आईआईटी कानपुर राज्य भर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के प्राचार्यों को कार्यशालाओं के माध्यम से नए जमाने की तकनीकों पर ट्रेनिंग देगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षमता निर्माण और कौशल को बढ़ावा देना है ।

यह समझौता आईटीआई की कैसे मदद करेगा?



एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर द्वारा सोमवार को एक सप्ताह तक चलने वाली वर्कशॉप का शुभारंभ किया गया। इस वर्कशॉप का मुख्या उद्देश्य आधुनिक तकनीकों पर आधारित इनोवेशन के माध्यम से ग्लोबल चुनौतियों का समाधान करना है। उदघाटन समारोह में यूपी के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), मुख्यमंत्री के सचिव, आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर और एसआईआईसी के सीईओ सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

इसी तरह की वर्कशॉप आईआईटी कानपुर के विषय विशेषज्ञों द्वारा आयोजित की जाएंगी। संस्थान द्वारा एक प्रेस रिलीज़ में उल्लेख किया गया है कि ये वर्कशॉप प्रतिभागियों को अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट (वीयूसीए) दुनिया से अवगत कराएंगी।

इस तरह के अंतःविषय कार्यक्रम हमारी शैक्षिक प्रणाली में सुधार के अलावा, छात्रों के पास मौजूद कौशल को बढ़ाएंगे। यह वर्कशॉप आईटीआई के छात्रों के लिए तेजी से बढ़ते, डिजिटल दुनिया और जो वैश्विक महामारी के कारण नौकरी की बाजार में हुए नुक्सान के लिए रोजगार के अवसरों में सुधार करेगी।

सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा इस समझौते का स्वागत किया गया

इस समझौते को सभी हितधारकों द्वारा एक योग्य कदम के रूप में देखा जा रहा है। आईआईटी कानपुर जैसा संस्थान, जो अपने क्षेत्र में अग्रणी है, तकनीकी और औद्योगिक विकास के साथ-साथ शैक्षिक प्रयासों, रिसर्च से संबंधित कार्यों में मार्गदर्शन और ट्रेनिंग देकर अन्य संस्थानों के विकास में सहायता कर सकता है।