कानपुर विकास प्राधिकरण ने न्यू सिटी कानपुर सिटी योजना के दूसरे सेक्टर को लगभग 5 हेक्टेयर हिंदूपुर ग्राम भूमि पर बनाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बारी अकबरपुर कछार, सिंहपुर कछार और गंगपुर चकबदा गांवों में 80 हेक्टेयर भूमि पर पहले सेक्टर को बनाने की तैयारी पहले से ही चल रही है। मैनावती से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच 7 गावों के लिए विकास रणनीति तैयार की गई है।

1996 से चली आ रही है यह योजना


1996 से चली आ रही, 'न्यू कानपुर सिटी योजना' को कई रुकावटों का सामना करना पड़ा है। इसे पहले फाइलों के बीच में बंद कर दिया गया था, फिर इस परियोजना को केडीए द्वारा 2017 में 200 हेक्टेयर भूमि विकसित करने की महत्वाकांक्षा के साथ दोबारा शुरू किया गया था। इसमें से केडीए 111 हेक्टेयर का अधिग्रहण कर सकी और अदालती मामलों के चलते 26 हेक्टेयर भूमि को छोड़ना पड़ा। वर्तमान में, यह 85 हेक्टेयर भूमि पर अधिकार रखते हैं, जिसमें पहले सेक्टर के लिए 80 हेक्टेयर भूमि समर्पित की गई है और दूसरे सेक्टर के लिए 5 हेक्टेयर।

इसके अलावा, नक्शे के पास होने पर परियोजना को एक और झटका लगा था, लेकिन इंजीनियरों और परियोजना अधिकारियों ने अपने व्यक्तिगत संबंधों के चलते यहां बिना अनुमति के इमारतों का निर्माण किया। केडीए बोर्ड ने एक समीक्षा बैठक में लापरवाह इंजीनियरों और प्रवर्तन अधिकारियों के नामों को चिह्नित करके कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

बोर्ड के आदेश पर केडीए अब सेक्टर-वाइज योजना (sector-wise scheme) बनाएगा। इस योजना को गांवों में अधिग्रहित भूमि के पास की खाली जमीन का तहसीलदार, दो अन्य एजेंसी के अधिकारियों और लेखाकारों द्वारा निरीक्षण करने के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। उक्त गठित टीम खाली स्थान के विस्तार को चिह्नित करेगी, ताकि इसे सीधे संबंधित किसान या निजी मालिक को बेचा जा सके। यह भी निर्णय लिया गया है कि योजना के दो सेक्टर्स के पूरा होने के बाद छोड़ी गई भूमि को पॉकेट के रूप में विकसित और बेचा जाएगा।