कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर बढ़ रहे संक्रमण के खतरे के बीच, देश में बच्चों की वैक्सीन के ट्रायल को बढ़ावा दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए कोवैक्सीन ट्रायल का दूसरे चरण कानपुर के आर्य नगर में स्थित प्रखर अस्पताल में तेज़ी से चल रहा है। यह ट्रायल देश भर में 5 अन्य जगहों में भी तेज़ी से चल रहे हैं।

कथित तौर पर, कानपुर का यह केंद्र पूरे यूपी में एकमात्र सुविधा है जिसे वैक्सीन ट्रायल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल को वयस्कों के लिए टीके के ट्रायल में भी शामिल किया गया था जो 3 चरणों में आयोजित किया गया था।

पहले दिन बच्चों पर COVAXIN ट्रायल की सफलता


मंगलवार को, भारत बायोटेक के COVAXIN के दूसरे चरण का ट्रायल कानपुर के प्रखर अस्पताल में शुरू हुआ, जहां 20 में से 12 वालंटियर्स का ब्लड टेस्ट और आरटी-पीसीआर स्क्रीनिंग करके प्रारंभिक टेस्ट में शामिल किया गया। इन बच्चों में टीके की पहली खुराक इंजेक्शन द्वारा दी गई थी और इनमें से अधिकांश बच्चे बाल रोग विशेषज्ञों से जुड़े थे। माता-पिता भी अपने बच्चों को टेस्ट में शामिल करने के लिए उत्साहित थे। ट्रायल प्रक्रिया के इस चरण में कुल 50 ऐसे वालंटियर्स का टीकाकरण किया जाएगा।

COVAXIN के मुख्य अन्वेषक ने टीके के ट्रायल के पहले दिन की सफलता की घोषणा की। उन्होंने बताया कि किसी भी बच्चे ने किसी तरह की समस्या या जटिलता की सूचना नहीं दी है। बच्चों की समग्र स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए ट्रायल दो से तीन दिनों तक चलेगा। वैक्सीन की दूसरी खुराक अब 28 दिनों के अंतराल के बाद दी जाएगी। दूसरी खुराक से पहले, एक ब्लड सैंपल लिया जाएगा और एंटीबॉडी के विकास की जांच के लिए एम्स दिल्ली भेजा जाएगा।

कानपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने आगे कहा कि सभी टीकाकरण वाले बच्चों की 9 महीने की अवधि के लिए निगरानी की जाएगी ताकि देर से दिखने वाले लक्षणों या दुष्प्रभावों की जांच की जा सके। अभी के लिए, 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए टीकाकरण ट्रायल का विस्तार करने की योजना है। बाद में 2 से 6 साल की उम्र के बच्चों को भी ट्रायल में शामिल किया जाएगा।

बच्चों के लिए टीकाकरण प्रक्रिया बड़ों की प्रक्रिया के समान है। प्रत्येक बच्चे को 28 दिन या 4 सप्ताह के गैप पर दो खुराकें दी जाएंगी। यहां भी, हाथ और कंधे पर एक छोटी सी सिरिंज की मदद से खुराक को इंजेक्ट किया जाएगा। कानपुर के अलावा, एम्स दिल्ली, एम्स पटना, निज़ाम इंस्टीट्यूट हैदराबाद और बेलगाम में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है।