कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते पूरे उत्तर प्रदेश में लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे, जिसके मद्देनज़र यूपी सरकार ने कोरोना महामारी से लड़ाई के खिलाफ मौजूदा चिकित्सा के बुनियादी ढ़ांचे को और भी मजबूत बनाने का फैसला लिया है। ऑक्सीजन की आपूर्ती के लिए जल्द ही कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे राज्य को भविष्य में ऑक्सीजन की कमी का सामना न करना पड़े।


यूपी के सीएम ने शनिवार को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए किए गए प्रयासों का जायजा लिया। तैयारियों की समीक्षा करने के बाद, उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही कानपुर समेंत मंडल के सभी जिलों में 30 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे कानपुर जल्द ही ऑक्सीजन निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा।

गांव में बनाए जाएंगे टीकाकरण केंद्र


गांव के लोगों को टीका लगवाने के लिए शहर जाना पड़ता है जिसके चलते कई लोग टीका नहीं लगवा पा रहे हैं, इस समस्या से निपटने के लिए सीएम ने यह घोषणा की कि गांवों में भी वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को शहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने आगे बताया कि कॉमन फैसिलिटी सेंटरों में ही ग्रामीणों के पंजीकरण की व्यवस्था भी कर दी गई है।

कानपुर में कारगर साबित हुआ ट्रैक, टेस्ट और ट्रीट का फार्मुला

सीएम ने आगे बताया कि, कानपुर में 40 फीसद पॉजिटिविटी रेट था जिसमें दो फीसदी की गिरावट हुई है। दूसरी लहर से निपटने के लिए किए गए कार्यों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि, ट्रैक, टेस्ट और ट्रीट के फार्मूले से 21 दिनों में 2.16 लाख लोगों ने कोरोना को मात दिया है। दूसरी लहर में 15 दिन में सूबे में एक लाख पॉजिटिव केस रोजाना आए, लेकिन 24 अप्रैल तक ये आंकड़ा 38 हजार तक सीमित हो गया। कथित तौर पर प्रदेश में रिकवरी रेट 93 फीसद पर आ गया है और 4.65 करोड़ टेस्ट अब तक किए जा चुके हैं।