पिछले कुछ समय से कानपुर में नए कोरोना मामले निरंतर बढ़ रहे थे जो अब काफी कम होने लगे हैं। मंगलवार को 345 नए मामलों और 1,029 लोगों के रिकवर होने के साथ सक्रीय मामलों की संख्या काफी कम हुई है, जो बुधवार को 6,601 दर्ज की गयी। इसके अलावा बुधवार को ही घातक वायरस से 26 लोगों की जान चली गयी लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या आगे आने वाले समय में कम होगी क्यूंकि नए मामले कम रहे हैं।

सक्रीय मामलों के कम होने से शहर में ऑक्सीजन की मांग हुई कम


शहर में अब ऑक्सीजन की आवश्यकता कम पड़ने से ऑक्सीजन प्लांट और रीफिलिंग सेंटरों पर भीड़ के कम होने से यह कहा जा सकता है की शहर में कोरोना की स्थिति में धीरे धीरे सुधार आ रहा है। कथित तौर, पर 12 दिनों में ही 125 टन LMO की आवश्यकता कम होकर 50 टन तक हो गयी है। रिपोर्ट के अनुसार 29 अप्रैल को 18,800 सक्रीय कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा था जो संख्या अब पिछले दो हफ़्तों में आधे से भी कम हो गयी है।

जबकि अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी डिमांड देखी गयी और कुछ घर में आइसोलेटेड मरीज़ों को भी ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी। लेकिन सक्रीय मामले नियंत्रित लग रहे हैं इसीलिए शहर की ऑक्सीजन सप्लाई की समस्या भी हल हो रही है। इसके साथ ही, दो ट्रेनों ने पिछले 3 दिनों में 55 और 40 टन ऑक्सीजन स्टॉक कानपुर पहुंचाया है। इसके अलावा कुछ प्लांट भी ऑक्सीजन के उत्पादन में शामिल हैं और गैस किसी अन्य इंडस्ट्री में इस समय इस्तेमाल भी नहीं हो रही है।

विभिन्न प्लांटों पर ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता 50 प्रतिशत कम हुई


कथित तौर पर, दादानगर स्थित चमन प्लांट में ऑक्सीजन रिफिलिंग की मांग पिछले दो हफ्तों में 500-700 सिलिंडरों से 50% से कम होकर 250-200 हो गई है। इसके अतिरिक्त, मुरारी ऑक्सीजन प्लांट, हरिओम गैस प्लांट और पनकी गैस प्लांट में आवश्यकताएं काफी कम हो गयी हैं। गैस की उपलब्धता के बावजूद, लोगों को अभी भी ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदना मुश्किल हो रहा है क्योंकि बहुत से नागरिकों ने भविष्य में अप्रत्याशित परिस्थितियों की आशंका में सिलिंडरों को जमा कर रखा है।