ऑक्सीजन संकट के संबंध में मेडिकल ढांचे को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर ने इस महीने 10 स्वदेशी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान का स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) अपने प्रमुख रिसोर्स एजेंडा 'मिशन भारत O2' के बैनर तले इस योजना को आगे बढ़ाएगा। मई 2021 में शुरू किया गया, मिशन भारत का उद्देश्य स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देकर एक आत्मनिर्भर स्वास्थ्य प्रणाली बनाना है जो ग्लोबल स्टैण्डर्ड के समान विकसित हो सके।

आईआईटी कानपुर ऑक्सीजन प्लांट की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करेगा

एसआईआईसी इनक्यूबेटी, एआईपीएल ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए डिजाइन विकसित किया है और अब एक उत्पादक पार्टनर के रूप में भी साथ देंगे। उनके अलावा, SIIC ने 4 अन्य निर्माताओं को शामिल करने की योजना बनाई है ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं का समर्थन किया जा सके और महत्वपूर्ण देखभाल प्रदान की जा सके। इनमें अवध रेल इंफ्रा लिमिटेड (तमिलनाडु), पुलमैन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (पश्चिम बंगाल), एनर्जी पैक बॉयलर्स प्राइवेट लिमिटेड (गुजरात) और इंटरनेशनल सिलेंडर्स प्राइवेट लिमिटेड (हिमाचल प्रदेश) शामिल हैं।

ये चुने हुए निर्माता सुसज्जित ऑक्सीजन प्लांट की व्यापक सप्लाई को पूरा करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में स्ट्रेटेजिक रूप से स्थित हैं। इससे प्रमुख संस्थान को जून के अंत तक 10 प्लांट स्थापित करने और आने वाले महीनों में ऐसी 50 से अधिक यूनिट्स को स्थापित करने के अपने लक्ष्य पर पाने में मदद मिलेगी। स्थानीय अस्पतालों और प्रशासन के साथ एसआईआईसी का संपर्क सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए समर्थन बनाने के संयुक्त प्रयासों को और विनियमित करेगा।

प्रोफेसर अमिताभ बंद्योपाध्याय, आईआईटी कानपुर में इनोवेशन और इनक्यूबेशन के प्रभारी प्रोफेसर, और संस्थान के डायरेक्टर और अध्यक्ष 13G एडवाइजरी नेटवर्क के श्रीकांत शास्त्री के साथ राहुल पटेल, SIIC में स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव के प्रमुख के तहत, कानपुर 250 एलपीएम और 500 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट का उत्पादन करेगा।

भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का निर्माण करने के लिए 'मिशन भारत ओ-2'


प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने कहा, 'मिशन भारत ओ-2' के साथ हम स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को विश्व स्तरीय मेडिकल ढांचे से सुसज्जित करने के कल्पना करते हैं। SIIC, आईआईटी कानपुर का उद्देश्य स्वदेशी चिकित्सा प्रणालियों के एक इकोसिस्टम का निर्माण करके पूरी तरह से इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम करना है।

श्रीकांत शास्त्री ने कहा, "इनोवेशन की सच्ची भावना इनोवेटर की इकोसिस्टम की गतिशील मांगों के अनुकूल होने की क्षमता में निहित रहती है। "उन्होंने 'मिशन भारत ओ-2' में स्थानीय विनिर्माण के पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए विश्वास दिखाया है। शास्त्री ने कहा कि राष्ट्रीय सीमाओं के भीतर क्वालिटी स्वास्थ्य उपकरणों की सुविधा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे पहले, SIIC टीम ने तेजी से महामारी की जरूरतों को भी पूरा किया है। अधिकारियों ने कोरोना वायरस की पहली लहर के दौरान 90-दिवसीय Noccar V310 ICU वेंटिलेटर और स्वसा N-95 मास्क की उपलब्धि पर प्रकाश डाला। इन दोनों उत्पादों का निर्माण स्वदेशी रूप से किया गया था, जो की आपातकालीन समय में एक विश्वसनीय उत्पादक के रूप में भारत की क्षमता को दर्शाता है।