कोरोना संक्रमण के बीच मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की उपलब्धता को आसान करने की पहल में IIT-कानपूर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (Startup Incubation and Innovation Centre (SIIC) ) ने मिशन भारत O2 का एजेंडा लांच किया है। यह कार्यक्रम महामारी की आपात स्थिति से निपटने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी, रैपिड स्केलेबल ऑक्सीजन उत्पादन यूनिट्स के निर्माण के लिए 45 दिनों का एक ओपन चैलेंज है।

नई टीम, नए उद्देश्य


IIT-कानपुर ने एक बार फिर देश में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य कोरोना संक्रमण के दौरान अनियंत्रित रूप से बढ़ती हुई ऑक्सीजन डिमांड को पूरा करने के लिए समय सीमा के अंदर उत्पादन की गति और ऑक्सीजन जनरेशन की तकनीक को बढ़ाना है। रिपोर्ट के अनुसार,ये मिशन एक टास्क फाॅर्स द्वारा चलाया जाएगा जिसका नेतृत्व प्रोफेसर अमिताभ बंद्योपाध्याय जो की इनोवेशन और इन्क्यूबेशन के इंचार्ज हैं,टीआईई (TIE) दिल्ली-एनसीआर के प्रेसिडेंट श्रीकांत शास्त्री और SIIC IIT-कानपुर के स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव हेड राहुल पटेल करेंगे। इसे और आगे बढ़ाने के लिए IIT-कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर अभय करंदीकर ने उद्द्योगपतियों से भी इस चैलेंज में भाग लेने का अनुरोध किया है।

ये पहली बार नहीं है की यह प्रतिष्ठित संस्थान मेडिकल संसाधनों की पूर्ती के लिए आगे आया है, पिछले साल भी IIT-कानपुर ने इन्क्यूबेटेड कंपनियों को Swasa N-95 मास्क और Noccarc V310 वेंटीलेटर जैसे स्वदेशी उत्पादों को बनाने में सहायता की थी। एक कथन में प्रोफेसर अभय करंदीकर ने यह भी कहा है की IIT-कानपुर और SIIC इस बार भी स्वदेशी ऑक्सीजन जनरेशन यूनिट के लिए स्वदेशी उद्योगों की मदद करेगा।

युवा इनोवेटर्स को अपना समर्थन देने के लिए निमंत्रण

मिशन भारत O2 के टास्क लीडर प्रोफ बंद्योपाध्याय ने कहा की "एसआईआईसी और आईआईटी कानपुर में देश की जरूरतों के अनुसार क्वालिटी उत्पादों को वितरित करने का इतिहास रहा है। हमने ये कार्य नोकार्ट वेंटिलेटर के साथ किया था, अब हम इसे मिशन भारत O2 के साथ फिर से करेंगे। हम युवा इन्नोवेटर्स से राष्ट्र का समर्थन करने के लिए बड़ी संख्या में आगे आने का आग्रह करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा की आदर्श उपलब्धि यह होगी की हम विभिन्न क्षेत्रों के निर्माताओं के साथ काम करें जो शुरुआत में प्रति दिन 100 यूनिट्स की उत्पादन क्षमता के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें और धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर लेकर जाएँ।" दूसरी ओर, श्रीकांत शास्त्री ने परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया, "उद्यमी आमतौर पर एक बड़े आईडिया से कैरीड अवे हो जाते हैं,यह ध्यान दिए बिना की क्या बड़े रूप में समस्या हल हो पा रही है। मिशन भारत O2 के साथ, SIIC IIT कानपुर ने एक कदम उठाया है उस बड़े संकट को हल करने के लिए जिससे देश आज जूझ रहा है। हमें विश्वास है कि टीम राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने संयुक्त उद्यमशीलता के अनुभव और दृष्टि के साथ एक छाप छोड़ेगी।"