कोरोना की विषम परिस्थितियों में आईआईटी कानपुर एक बार फिर शहर का रक्षक बनकर सामने आया है। रविवार को संस्थान ने आपातकालीन सप्लाई को पूरा करने के लिए कोरोना सहायता के लिए एलएलआर हॉस्पिटल (हैलट) और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को आईआईटी-कानपुर नें इनक्यूबेटेड 4 नोकार्क वेंटीलेटर दान किये। कथित तौर पर इन वेन्टीलेटरों को शुक्रवार को पुणे से चिकित्सा संस्थानों की तत्काल सहायता के लिए भेज दिया गया था।

कानपुर में कोरोना रोगियों का बचाव कर रही नोकार्क टीम


गुरूवार को आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर के पास गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से आईसीयू वेन्टीलेटरों को रिपेयर करने के लिए सहायता मांगते हुए एक कॉल आया। हालांकि यह समझा गया की मरम्मत का काम मुश्किल होगा क्यूंकि वेंटीलेटर दुसरे निर्माताओं द्वारा बनाये गए थे। वेंटीलेटर के लिए उनकी महत्वपूर्ण और तत्काल आवश्यकता को देखते हुए डायरेक्टर ने नोकार्क टीम से बात की जो सहायता करने के लिए तुरंत तैयार हो गए।

टीम ने 4 नोकार्क वेंटीलेटर प्रदान किये जिन्हे फिर कानपुर में कोरोना रोगियों की जान बचाने के लिए दान किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और डीन डॉ. आरबी कमल, डिप्टी डायरेक्टर प्रो एस गणेश और आईआईटी कानपुर के ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफ अमिताभ बंद्योपाध्याय, म्युनिसिपल कमीशनर और कानपुर डीएम इस परोपकारी कार्य में मौजूद थे। संस्थान के डायरेक्टर ने कहा है कि यह निश्चित रूप से कानपुर में कोरोनो वायरस संक्रमण से जूझ रहे रोगियों की सहायता करेगा।