उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों द्वारा कानपुर मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशनों को स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासों के बाद, अंडरग्राउड टनल के काम में तेज़ी आ रही है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी चुन्नीगंज से नयागंज तक प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो सुरंग के आसपास जर्जर और कमज़ोर इमारतों की मरम्मत के लिए कदम उठाएंगे। कथित तौर पर, सोमवार को इस उद्देश्य के लिए एक सर्वेक्षण किया गया था और जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

चुन्नीगंज-नौबस्ता लाइन पर 12 में से 7 स्टेशन होंगे अंडरग्राउंड


रिपोर्ट के अनुसार, मरम्मत गतिविधियों को नियोजित भूमिगत लाइन से 50 मीटर के आसपास के क्षेत्र में लागू किया जाएगा। सबसे पहले इमारतों की वर्तमान स्थिति का आंकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर इनकी मरम्मत का काम किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ऐसी सभी इमारतें अच्छी स्थिति में हैं क्योंकि सुरंग ड्रिलिंग कार्य उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। यह इमारतों की ताकत और सहनशीलता का निरीक्षण करने के बाद ही किया जा सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो के दूसरे चरण में चुन्नीगंज और नौबौस्ता के बीच 12 स्टेशनों का निर्माण शामिल है, इनमें से 7 भूमिगत सुविधाएं होंगी।

UPMRC भूमिगत सुरंग के करीब की इमारतों की निगरानी करेगा



रिपोर्ट के अनुसार, यूपीएमआरसी के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि बोरिंग मशीन के काम शुरू होने के बाद अधिकारी नियमित रूप से भूमिगत सुरंग के करीब की इमारतों की निगरानी करेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि इस कार्य के चलते आसपास की इमारतों पर कोई हानिकारक प्रभाव न पड़े।

इसके अतिरिक्त, अधिकारी उन क्षेत्रों की भी पहचान कर रहे हैं जहां निजी स्वामित्व वाले (privately owned) बोरवेल खोदे गए हैं। जरूरत के हिसाब से बोरवेल को अलग-अलग जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि दोनों, मरम्मत और स्थानांतरण कार्यों के लिए मालिकों की अधिकृत अनुमति की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीएमआरसी इस परियोजना के दौरान होने वाले सभी खर्चों को वहन करेगी।