कानपुर के एक शख्स, मनोज सेंगर ने कोरोनावायरस से बचने के लिए 5,00,000 रुपये खर्च करके सोने का मास्क बनवाया है, जिसके बाद से वह सुर्खियों में हैं। मनोज सेंगर को लोग मनोजानंद महाराज के नाम से भी जाना जाता है। उनके पास सोने की वस्तुओं के संग्रह के बारे में सभी लोगों जानकारी है, जिसके चलते उनके पास हर समय सुरक्षा के लिए दो सशस्त्र अंगरक्षक होते हैं। सोने के प्रति सेंगर का प्रेम के कारण है कि उन्हें 'कानपुर का गोल्डन बाबा' भी कहा जाता है, इस दीवानगी और शौक के चलते लोगों के बीच वह 'यूपी के बप्पी लहरी' नाम से भी प्रसिद्ध हैं।

रोजाना लगभग दो किलो के आभूषण पहनते हैं 'गोल्डन बाबा'


मनोज सेंगर के मुताबिक सोने से बने इस मास्क के अंदर सैनिटाइजर का घोल होता है, जो 3 साल तक काम करेगा। सेंगर ने अपने कोविड कवच का नाम 'शिव शरण मास्क' रखा है। सोने के प्रति उनके जुनून के चलते वह रोजाना लगभग दो किलोग्राम वजन के आभूषण पहनते हैं।

गोल्डन बाबा के पास सोने की वस्तुओं के संग्रह में चार जंजीरें शामिल हैं, जिनका कुल वजन लगभग 250 ग्राम है। उनके पास एक शंख, एक मछली, भगवान हनुमान का एक लॉकेट, एक जोड़ी झुमके, एक रिवाल्वर का हैंडल, चश्मा और तीन बेल्ट भी हैं। इनके अलावा उनके पास चांदी से बने एक जोड़ी जूते भी हैं।

ऐसा माना जाता है कि उन्होंने 1990 के दशक में महाभारत को बड़े चाव से देखा था और कहा जाता है कि महंगे आभूषणों के प्रति उनके प्रेम को वहां से प्रेरणा मिली थी। सेंगर को अक्सर अपने भरपूर संग्रह के कारण असामाजिक तत्वों से धमकियां मिलती हैं, जिसके कारण उन्हें हमेशा सावधनी बरतनी पड़ती है और उनकी रक्षा के लिए दो अंगरक्षक मौजूद रहते हैं।