मौजूदा हालात में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इनमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जगह ही नहीं होती है। जबकि घर के अंदर रहना समय की जरूरत है, ऐसी कई स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जब यात्रा करना आवश्यक हो जाता है। नागरिकों को इस समस्या से बचाने के लिए कानपुर मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है। कोविड से बचाव के साथ, परिवहन का यह साधन कई नागरिकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कर रही है।

दिव्यांगों के सफर करना बनाया आसान

कानपुर मेट्रो संभवत: शहर की पहली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है जिसमें विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। जिन यात्रियों को सहायता की आवश्यकता है, उनकी लगातार निगरानी करने वाले ऑन-ग्राउंड स्टाफ की उपस्थिति के अलावा, प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर मेट्रो स्टेशन व्हीलचेयर से भी सुसज्जित हैं।

लिफ्ट के साथ, डिब्बों में बैठने की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के प्रावधान और आपातकालीन बटन जैसी सुविधाएं, कानपुर मेट्रो में सभी विकलांग लोगों के लिए परेशानी मुक्त यात्रा को सुनिश्चित करती हैं। 7 जनवरी को विशेष रूप से विकलांग लोगों के एक समूह ने नई लॉन्च की गई कानपुर मेट्रो का दौरा किया और यूपीएमआरसी द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की सराहना की।

सुरक्षा का वादा

विशेषज्ञों द्वारा किए गए दावों के अनुसार, यह नया तरीका न केवल कुशल है, बल्कि मैनुअल सेनिटेशन की तुलना में अधिक किफायती भी है। इस अंतरराष्ट्रीय तकनीक का उपयोग करते हुए, UPMRC सिर्फ 15 मिनट में एक ट्रेन को बैक्टीरिया मुक्त बनाता है।

कानपुर मेट्रो में आपके साथ आपका सामान भी रहता है सुरक्षित!

कानपुर मेट्रो वायरस से सुरक्षा प्रदान करने के अलावा आपके सामान को भी सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में आईआईटी कानपुर मेट्रो स्टेशन पर एक महिला अपना बैग बैगेज स्कैनर में निजी सामान के साथ छोड़ गई थी। ध्यान आने पर, महिला वापस स्टेशन चली गई जहां एक जिम्मेदार कर्मचारी ने बैग को लौटा दिया।

इसके बावजूद, आप कृप्या मेट्रो में यात्रा करते समय अपने सामान का ध्यान रखें और लापरवाह न बरते, यह जानकारी हमने केवल इस तथ्य को बताने के लिए है कि कानपुर मेट्रो यात्रा का एक सुरक्षित विकल्प है।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाता

अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के विपरीत, कानपुर मेट्रो में सामाजिक दूरी का पालन पर पाना वास्तव में संभव है। सामाजिक दूरी के मानदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए, मेट्रो में   सीटों को चिन्हित किया गया है। इसके अतिरिक्त, किसी भी मेट्रो स्टेशन पर एक समय में 2 से अधिक लोगों को लिफ्टों का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

इसके अलावा, कानपुर मेट्रो में प्राथमिकता वाले कॉरिडोर की लिफ्ट भी स्टिकर से लैस हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग कोविड-अनिवार्य नियमों का पालन करें। स्टेशनों पर कड़े सामाजिक मानदंडों और कोचों में एहतियाती उपायों के साथ, यह आधुनिक परिवहन वाहन स्थानीय भीड़ को अत्यधिक सुरक्षा, दक्षता और आसानी से यात्रा करने का अनुभव प्रदान करे।

कोच में लनाए गए हैं मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट

नॉक-नॉक

एक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करके, कानपुर मेट्रो ने लोगों को शहर में ट्रैफिक जाम और वाहनों की भीड़ के कारण होने वाले खतरे से उबरने में मदद की है। यूपीएमआरसी द्वारा कोरोनावायरस की तीसरी लहर के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए सभी उपायों के साथ, कानपुर मेट्रो शहर में सबसे पसंदीदा आवागमन विकल्प बनने की राह पर है।

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