कला और साहित्य का खूबसूरत समागम, कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल इस साल फिर से लोगों की मेज़बानी करने के लिए तैयार हैं। 4 और 5 दिसंबर को होने वाले इस महोस्तव में कई बड़ी हस्तियां शिरकत करेंगी और इस मंच की प्रतिष्ठता को बढ़ाएंगी। इस वर्ष इसका आयोजन गौर हरि सिंघानिया इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में किया जाएगा।

2018 में शुरू हुआ था इस साहित्य उत्सव का सिलसिला

कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी, जिसमें गायक पीयूष मिश्रा और पौराणिक विज्ञानी उत्कर्ष पटेल ने सीता पर व्यख्यान देकर साहित्य प्रेमियों के समक्ष एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया था। 2019 में मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा और लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने इसमें शामिल होकर इसका मान बढ़ाया। 2020 में कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा, लेकिन इस बार वर्ष प्रतिभाशाली लोगों के साथ यह महोत्सव वापसी करने के लिए तैयार है।

कला और साहित्य से जुड़ी हुई कई हस्तियां होंगी इसमें शामिल:

इस बार आजादी के अमृत महोत्सव की थीम पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम कुछ इस प्रकार रहेगा, चार दिसंबर को मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह पर बनी दो घंटे की फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एक कार्यक्रम में कानपुर के क्रांतिकारियों की कहानी बताई जाएगी। इसी दिन मशहूर अभिनेता व कवि राजेंद्र गुप्ता भी अपनी कविता पाठ करेंगे और पंडित बिपिन मिश्रा शंख और डमरू पर शिवस्त्रोत गायन करेंगे।

पांच दिसंबर को कानपुर की नई प्रतिभाओं को कविता व अन्य कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने के लिए मंच प्रदान किया जाएगा। साथ ही, गैंग सिस्टर्स नाम से विख्यात पांच कवयित्रियां और मशहूर शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली भी प्रस्तुति देंगी।

कला, साहित्य और प्रतिभाओं से सजा यह फेस्टिवल इसमें शामिल होने वाले लोगों को को निश्चित रूप से एक समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा, जिसे लोग काफी समय तक अपने दिल में सहेज कर रखेंगे।

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