आईआईटी कानपुर ने एक और उपलब्धि अपने नाम करते हुए, कम प्रदूषण वाली जिंक जेल बैटरी बनाने के लिए जीता ग्लोबल मार्क मॉबियस अवार्ड। इस प्रतिष्ठित संस्थान को इनक्यूबेटेड ऑफग्रिड एनर्जी लैब्स को ग्लोबल मार्क मॉबिस ईएमआई पिच कॉम्पिटिशन का विजेता घोषित किया गया है।

10 देशों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

न्यूयॉर्क में आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में 10 देशों के स्टार्टअप ने हिस्सा लिया था। जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व ऑफग्रिड एनर्जी लैब्स कानपुर और बेंगलुरू की एक कंपनी ने किया।

रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान के पूर्व पीएचडी छात्र तेजस कुसुरकर और ब्रिंदन तुलचन ने जिंक जेल बैटरी परने शोध किया है। अभी तक मुख्य रूप से लेड एसिड और लिथियम बैटरी का प्रयोग हो रहा है लेकिन जिंक जेल बैटरी पूरी तरह मेक इन इंडिया होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक लेड एसिड और लिथियम बैटरी में टॉक्सिन्स अधिक होने के कारण यह बड़ा खतरा है। जिंक जेल बैटरी पूरी तरह नॉन-टॉक्सिक है, इसमें आग लगने और लिथियम बैटरी की तरह फटने का भी डर नहीं है। IIT के निदेशक प्रो अभय करंदीकर ने ट्वीट कर इनक्यूबेटर को बधाई दी।

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