दिल्ली सरकार और आईआईटी-कानपुर जल्द ही मिलकर राजधानी में रियल-टाइम प्रदूषण के आंकड़ों का पता लगाने के लिए एक अध्ययन करेंगे। “दिल्ली में एडवांस एयर पॉल्यूशन मैनेजमेंट के लिए रीयल-टाइम सोर्स अपॉइंटमेंट एंड फोरकास्टिंग” शीर्षक वाला अध्ययन 23 महीने तक चलने वाला है। अध्ययन का उद्देश्य प्रासंगिक डेटा एकत्र करना और इससे सम्बंधित मुद्दों से निपटने के तरीकों को सामने लाना होगा। शुक्रवार को दोनों पक्षों ने अध्ययन के लिए एक मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर किए।

भारत में अपनी तरह का पहला अध्ययन

अध्ययन में क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की साप्ताहिक, मासिक और मौसमी व्याख्या शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, यह पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (Polycyclic Aromatic Hydrocarbons), मॉलिक्यूलर मार्कर, और सेकेंडरी आर्गेनिक और इनऑर्गेनिक एरोसोल के स्तर को भी ध्यान में रखेगा। NOx, SO2, Ozone, BTX, एलीमेंटल कार्बन, ऑर्गेनिक कार्बन और अन्य कार्बनिक यौगिकों जैसे सामान्य प्रदूषकों की निगरानी करने में सक्षम अत्याधुनिक सुपरसाइट्स को भी व्यवस्थित किया जाएगा। यह देश में अपनी तरह का पहला अध्ययन होगा।

प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई

भारत दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में से 22 का घर है। इस गंभीर समस्या का मुकाबला सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही किया जा सकता है। इस तरह के अध्ययन से वायु प्रदूषण के मूल कारणों को अलग करने और फिर उन्हें कम करने की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी।

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