भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ (PGI) द्वारा संयुक्त रूप गुरुवार को आईआईटी कानपुर में एक हेल्थ एटीएम की शुरूआत की। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो अभय करंदीकर और एसजीपीजीआई लखनऊ के निदेशक प्रो आरके धीमान ने इस एटीएम का उद्घाटन किया गया। यह एटीएम एक एकीकृत कंप्यूटर, बायो-मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, प्वाइंट ऑफ केयर प्रयोगशाला परीक्षण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम है जो टेली हेल्थ क्लिनिक को डॉक्टरों के साथ दूर से जोड़ने वाले इंटरनेट आधारित नेटवर्क से जुड़ा है। 

स्वास्थ्य एटीएम के उपयोग के बारे में एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया

यह स्वास्थ्य एटीएम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर और एसजीपीजीआई, लखनऊ के बीच एक सहयोगी उद्यम के रूप में स्थापित किया गया है। प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा और प्रोफेसर एसके मिश्रा ने आईआईटी कानपुर निवासियों के लिए स्वास्थ्य एटीएम और निवारक व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल में इसके उपयोग के बारे में एक प्रेजेंटेशन भी दिया।

उन्होंने प्रेजेंटेशन में कहा, हमारे राष्ट्रपिता ने भी कहा है कि भारत की बहुत बड़ी आबादी गाँवों में रहती है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार की सभी सार्वजनिक सेवाएँ दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले हमारे नागरिकों तक पहुँचें। उन सार्वजनिक सेवाओं में स्वास्थ्य सेवाएं कोई अपवाद नहीं हैं। दूरसंचार प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास के साथ और विशेष रूप से वायरलेस आधारित इंटरनेट इस तरह के पोर्टेबल कम लागत वाले एकीकृत मंच का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

 भारत सरकार ने जनता की भलाई के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के अपने मिशन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की स्थापना की है, इसका एक उद्देश्य अपने सभी नागरिकों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल की पेशकश करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उनके पास इलेक्ट्रॉनिक रूप में एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड हो, जिसे पूरे देश में कहीं से भी देखा जा सकता है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, संस्थानों ने सभी प्रकार की भौगोलिक और मानव निर्मित बाधाओं को कम किया। यह प्रणाली जब आई आई टी (IIT) कानपुर के परिसर में चालू होती है, तो यह न केवल अपने स्वयं के कर्मचारी और उनके परिवारों के लिए बल्कि संस्थान पर निर्भर अन्य लोगों के लिए इलेक्ट्रॉनिक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR) का निर्माण सुनिश्चित करेगी।

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